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बिना बारिश कैसे डूब गया लखनऊ… साढ़े तीन लाख लोग प्रभावित, कई मंदिरों में घुसा नदी का पानी

बिना बारिश कैसे डूब गया लखनऊ… साढ़े तीन लाख लोग प्रभावित, कई मंदिरों में घुसा नदी का पानी

लखनऊ में बाढ़

उत्तर प्रदेश से भले ही मानसून की वापसी हो चुकी है, लेकिन राजधानी लखनऊ में गोमती नदी तांडव मचा रही है. गोमती में लगातार बढ़ते जलस्तर की वजह से फैजुल्लागंज, इटौंजा बेकेटी और सबसे पॉश कहे जाने वाली जगह रिवर फ्रंट समेत कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. सोमवार को तो गोमती का पानी बढ़ते हुए जेहटा मॉल रोड तक पहुंच गया. अब प्रशासन ने एक बार फिर डरावना संदेश जारी किया है. प्रशासन के मुताबिक अगले 24 घंटे के अंदर गोमती के जलस्तर पर में दो फीट तक की बढोत्तरी हो सकती है.

संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर चले जाने की सलाह दी है. वहीं प्रभावित क्षेत्र के बाहर रह रहे लोगों को भी अलर्ट रहने को कहा है. कहा जा रहा है कि नदी के जलस्तर पर में दो फीट की बढोत्तरी से भारी तबाही आ सकती है. स्थानीय लोगों के मुताबिक इस समय जेहटा-मॉल रोड गोमती में बाढ़ की चपेट में आ चुका है. कई इलाकों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया है.

घरों-मंदिरों में घुसा गोमती का पानी

गोमती में लगातार बढ़ते जलस्तर की वजह से फैजुल्लागंज के मामा कॉलोनी, दाऊद नगर, मेहंदी घाट, गुलाला घाट, हयात नगर समेत आसपास के दर्जनों कालोनियां जलमग्न हो गई हैं. इन कालोनियों में लोगों के घरों और मंदिरों में पानी भर गया है. नए बने प्रेरणा स्थल भी बाढ़ के पानी में डूब चुका है. इसके अलावा यहां घैला, अल्लू नगर डुगरिया आदि कालोनियों में भी बाढ़ का पानी घुस चुका है. इसी प्रकार मिल्लत नगर के लोग बीते 4 दिनों से अपने घरों में कैद हैं. हालात को देखते हुए बिजली निगम ने 12 ट्रांसफार्मरों की बिजली बंद कर दी है.

पलायन के बाद घरों में चोरी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलभराव की वजह से लोग पलायन करने लगे हैं. अब तक 10 हजार से अधिक लोग पलायन कर भी चुके हैं. जबकि साढ़े तीन लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है. दूसरी ओर, पलायन के बाद खाली घरों में चोरी की वारदात भी तेजी से बढ़ी है. अब तक दर्जन भर लोगों ने पुलिस में चोरी की शिकायतें दर्ज कराई हैं.

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है.

कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है.

सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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