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मायावती को चंद्रशेखर का जवाब- नगीना के जनादेश को साजिश बताना मतदाताओं का अपमान

मायावती को चंद्रशेखर का जवाब- नगीना के जनादेश को साजिश बताना मतदाताओं का अपमान

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है. मायावती ने पहली बार चंद्रशेखर आजाद पर सीधे हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने साजिश के तहत EVM में धांधली कर चंद्रशेखर को चुनाव जिताया. साथ ही उन्होंने चंद्रशेखर पर बीजेपी के इशारे पर काम करने और युवाओं को आंदोलन की राजनीति में आगे करने का आरोप लगाया.

मायावती के इस बयान पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि नगीना की जनता ने उन्हें 5 लाख 12 हजार से ज्यादा वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना है और इस जनादेश को किसी साजिश से जोड़ना उन मतदाताओं की भावना को आहत करता है. दोनों नेताओं के बयान से साफ है कि 2027 से पहले बहुजन राजनीति में एक नई सियासी बहस तेज हो गई है.

मायावती का चंद्रशेखर पर सीधा हमला

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने EVM को लेकर अपनी पुरानी आपत्ति दोहराई. उन्होंने कहा कि मतदाता को इस बात का पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया, उसकी गिनती भी उसी के पक्ष में हुई है. इसके बाद मायावती ने नगीना के 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र किया और चंद्रशेखर आजाद पर सीधे आरोप लगाए. मायावती ने कहा कि चंद्रशेखर का नगीना में जनाधार नहीं था, BJP ने EVM में धांधली कर जिताया.

मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर जहां दलितों के खिलाफ अन्याय की घटनाएं होती हैं, वहां पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करवाते हैं और इससे युवाओं पर मुकदमे दर्ज हो जाते हैं. मायावती ने सिर्फ नगीना चुनाव पर ही सवाल नहीं उठाया, बल्कि पूरे EVM सिस्टम पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि BSP शुरू से EVM के इस्तेमाल का विरोध करती रही है. मायावती ने चुनाव में EVM का इस्तेमाल बंद कर दोबारा बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की.

चंद्रशेखर का जवाब

मायावती के आरोपों के बाद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया. चंद्रशेखर ने कहा कि उन्होंने मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने बारे में कही गई बातें सुनी हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि जिन लोगों ने कभी पूछा था कि कौन चंद्रशेखर, उन्हें देश की जनता ने बता दिया कि उनके लिए संघर्ष करने वाला चंद्रशेखर कौन है. चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि मायावती ने अब यह मान लिया है कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एक बड़ी ताकत बन गई है.

‘नगीना की जनता ने मुझे चुना’

सांसद चंद्रशेखर ने अपने जवाब में 2024 के लोकसभा चुनाव के जनादेश का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि नगीना की जनता ने उन्हें 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना था. चंद्रशेखर के मुताबिक, यह उनके लिए सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि नगीना की जनता के भरोसे और प्रेम की जिम्मेदारी है. चंद्रशेखर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है.

‘मायावती के प्रति सम्मान बरकरार’

चंद्रशेखर ने अपने जवाब में मायावती के प्रति सम्मान की बात भी कही. उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के संघर्ष पर आधारित है. चंद्रशेखर के मुताबिक, मतभेद हो सकते हैं लेकिन बहुजन समाज के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा बना रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि मायावती के प्रति उनका सम्मान कल भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा.

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है.

कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है.

सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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