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‘सपा के राज्यसभा कैंडिडेट का नाम सुनकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे’, अखिलेश का दावा

‘सपा के राज्यसभा कैंडिडेट का नाम सुनकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे’, अखिलेश का दावा

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव. (फाइल फोटो)

लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिक्षकों और कर्मचारियों को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. अखिलेश ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी. इसका पूरा खाका पार्टी अपने चुनावी घोषणापत्र में देगी. वहीं, अखिलेश ने बीजेपी पर नकल करने का आरोप लगाते हुए तंज भी कसा. मायावती के EVM वाले बयान पर भी अखिलेश ने प्रतिक्रिया दी और इसे साइबर फ्रॉड से जोड़ने की बात कही.

दरअसल, समाजवादी पार्टी ने आज शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर बैठक की. बैठक के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि सभी विधायकों और एमएलसी के साथ महत्वपूर्ण चर्चा हुई है और कई सुझाव मिले हैं. अखिलेश ने शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा शिक्षकों की आवाज सदन में उठाई है. अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर ओल्ड पेंशन स्कीम यानी OPS शुरू की जाएगी.

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने कहा कि कर्मचारी वर्ग की ये पुरानी मांग है और समाजवादी पार्टी इस पर काम करेगी. अखिलेश ने शिक्षकों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी कई वादे किए. उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय की व्यवस्था की जाएगी. मदरसों की सेवाओं को बहाल करने, संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का समाधान करने और शिक्षा मित्रों की पुरानी व्यवस्था को बहाल कर उन्हें शिक्षक बनाए जाने की बात भी कही.

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर नकल करने का आरोप लगाते हुए तंज कसा. उन्होंने कहा कि बीजेपी उनकी योजनाओं और मुद्दों की नकल करती है. इसी दौरान अखिलेश ने भजन से जुड़ी अपनी पिछली टिप्पणी का जिक्र करते हुए भी बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी नकल करती है… हमने भजन जैमिंग की बात की थी, कहीं भजन जैमिंग हो गई.’ इसके साथ ही अखिलेश ने बीजेपी पर जमीन और किसानों के मुद्दे को लेकर भी हमला बोला.

अखिलेश यादव ने बीजेपी को सबसे बड़ी भूमाफिया पार्टी बताते हुए जमीन अधिग्रहण में किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की. अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को मार्केट वैल्यू के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए. अखिलेश ने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें बड़ी मात्रा में सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की बात कही गई है.

अखिलेश यादव ने शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों को समर्थन देने की अपील भी की. उन्होंने मिर्जापुर-वाराणसी शिक्षक क्षेत्र से लाल बिहारी यादव, लखनऊ से सुशील कुमार और आगरा से प्रकाश चंद्र गुप्ता का नाम लिया. वहीं गोरखपुर-फैजाबाद से कमलेश यादव, मुरादाबाद से दानिश अख्तर और लखनऊ स्नातक सीट से कांति सिंह का भी जिक्र किया. राज्यसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश यादव ने बड़ा संकेत दिया.

अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने अपने विधायकों से राज्यसभा को लेकर चर्चा की है और उम्मीदवारों के नाम सुनकर लोग आश्चर्यचकित हो जाएंगे. वहीं, मायावती के EVM को लेकर दिए गए बयान पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी. अखिलेश ने मायावती की बात को साइबर फ्रॉड से जोड़ने की बात कही. यानी EVM और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच अब सपा अध्यक्ष ने इसे साइबर फ्रॉड के एंगल से जोड़कर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है.

कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है.

सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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