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नदी संग बहने लगी चट्टान…नेपाल बाढ़ का वीडियो वायरल

नेपाल में आई भीषण बाढ़ का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें पानी का तेज बहाव इतनी विशाल चट्टान को भी अपने साथ बहाकर ले जाता दिखाई दे रहा है. बाढ़ की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारी-भरकम चट्टान भी पानी के वेग के सामने टिक नहीं पाई. नेपाल में बुधवार को अचानक आई इस बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है. अब तक 177 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं. इनमें करीब 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं.

 

चट्टानों और मलबे के साथ बहा पानी, कई इलाके तबाह

नेपाल पुलिस के मुताबिक, भोटेकोशी नदी में बाढ़ के बाद 12 और शव बरामद किए गए, जिसके बाद मृतकों की संख्या 177 पहुंच गई. रसुवा में 2, नुवाकोट में 12, धादिंग में 27, चितवन में 69, गोरखा में 20, तनहूं में 9, नवलपरासी पूर्व में 32 और नवलपरासी पश्चिम में 6 लोगों की मौत हुई है. पर्यटन के लिए प्रसिद्ध चितवन समेत कई इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी है.

करीब 826 लोग लापता, 579 पर्यटकों का भी पता नहीं

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार करीब 826 लोग अब भी लापता हैं. इनमें नेपाल सेना के 44 जवान, नेपाल पुलिस के 28 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 कर्मी शामिल हैं. जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों में काम करने वाले करीब 162 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है.

अधिकारियों के अनुसार 579 पर्यटकों का भी पता नहीं चल पाया है, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. इनमें कई लोग तिब्बत में कैलाश मानसरोवर और नेपाल के बागमती प्रांत में गोसाईंकुंड जाने के रास्ते में थे. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने लापता लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटकों के शामिल होने की जानकारी दी है.

हिमस्खलन से नदी का रास्ता रुका, फिर आई तबाही

प्रारंभिक जांच में बाढ़ की वजह नेपाल-चीन सीमा के पास हुआ हिमस्खलन बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि हिमस्खलन के मलबे से ल्हेंदे नदी का बहाव रुक गया और पानी का दबाव बढ़ने के बाद अचानक बाढ़ आ गई. इसके बाद भोटेकोशी और त्रिशुली नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा.

सड़क-पुल बहे, कई हाईवे बंद

बाढ़ से मध्य नेपाल में 35 मोटर वाहन पुल, 45 झूला पुल और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़क क्षतिग्रस्त हुई है. रसुवा के तिमुरे में फंसे 123 लोगों को बचाया गया, जिनमें 94 नेपाली और 29 विदेशी नागरिक हैं. वहीं बाढ़ से 73 लोग घायल हुए हैं और उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

कई जगह मलबा और चट्टानें जमा होने से सड़कें बंद हैं. काठमांडू से मुगलिंग जाने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. इसके अलावा मेची राजमार्ग, बीपी राजमार्ग, कांती लोकपथ, रसुवा-नुवाकोट के राष्ट्रीय राजमार्ग, पृथ्वी राजमार्ग और जाजरकोट-डोल्पा सड़क खंड पर भी यातायात रोक दिया गया है. प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया है.



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