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‘यह आदमी मॉनस्टर है…’, सुंदर पिचाई को देखकर अचानक क्यों बोले ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गूगल के भारतीय मूल के CEO सुंदर पिचाई को लेकर दिया गया एक अनोखा बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है. ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पिचाई की तारीफ करते हुए उन्हें “Monster” कहा. इस दौरान पिचाई के चेहरे के भाव और उनका जवाब भी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने ट्रंप की टिप्पणी और पिचाई की प्रतिक्रिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं.

ट्रंप ने पिचाई को क्या कहा?

वीडियो में ट्रंप, पिचाई से पूछते हैं, “सुंदर, आप कुछ कहना चाहते हैं?” पिचाई जैसे ही बोलना शुरू करते हैं और कहते हैं, “सबसे पहले धन्यवाद…”, ट्रंप उनकी बात बीच में रोकते हुए कहते हैं, “यह आदमी एक Monster है और इसे कोई नहीं जानता. कितनी शानदार जिंदगी है! Monster होना और इसके लिए इन सब चीजों से नहीं गुजरना. आपको बस इतना जानना है- SUNDARR! सुंदर उनका नाम है.”

 

ट्रंप की इस टिप्पणी के दौरान वहां मौजूद लोगों की नजर पिचाई पर भी रही. पिचाई ने स्थिति को हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए जवाब दिया.

सुंदर पिचाई ने क्या जवाब दिया?

ट्रंप की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सुंदर पिचाई ने कहा, “उम्मीद है यह ‘मैं Monster हूं’ से बेहतर टैगलाइन होगी!” पिचाई के इस जवाब के बाद उनके आसपास खड़े लोग हंसने लगे.

सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रियाएं आईं?

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने ट्रंप की टिप्पणी और पिचाई के जवाब को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने इसे ट्रंप की ओर से दिया गया “एक और बैकहैंडेड कॉम्प्लिमेंट” बताया.

एक अन्य यूजर ने लिखा कि सुंदर पिचाई इस टिप्पणी से काफी असहज नजर आ रहे थे. वहीं, एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि पिचाई के एक्स पर 11.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं, इसलिए उन्हें “कोई नहीं जानता” कहना अजीब है. एक अन्य यूजर ने लिखा कि “वाकई कोई उन्हें नहीं जानता… Alphabet के CEO हैं.”

व्हाइट हाउस में एआई कंपनियों के प्रमुखों से मिले ट्रंप

यह बातचीत व्हाइट हाउस में एआई को लेकर आयोजित बैठक के बाद हुई. बैठक में एआई के लिए स्वैच्छिक मानकों पर चर्चा की गई. इसमें एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई, गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन, निविडा के जेंसन हुआंग और मेटा के मार्क जुकरबर्ग शामिल हुए.

बैठक के दौरान ट्रंप ने कंपनियों के बीच हुए समझौते की तुलना एक तरह के संविधान से की. उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी कंपनियों के प्रमुखों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं और उन्होंने भी राष्ट्रपति के तौर पर इस पर हस्ताक्षर किए हैं. ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता एक तरह की सुरक्षा प्रदान करता है.

AI पर कंपनियों ने क्या कहा?

ट्रंप ने मंगलवार को एक दस्तावेज जारी किया, जिसे उनके प्रशासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा समझौता बताया. रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन डीसी में हुई बैठक के दौरान ट्रंप और टेक कंपनियों के प्रमुखों ने इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए.

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुंदर पिचाई ने कहा कि कंपनियां कुछ प्रक्रियाओं और नियंत्रणों के एक तय ढांचे को अपनाने पर सहमत हो रही हैं. उन्होंने इसकी तुलना कंपनियों में वित्तीय नियंत्रणों से की और कहा कि सुपरइंटेलिजेंस के विकास में पहले से मौजूद बेहतर प्रक्रियाओं को लागू किया जा रहा है.

एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस तकनीक से वास्तविक जोखिम जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि इन जोखिमों से निपटने का तरीका अभी चर्चा का विषय है.

वहीं, मार्क जुकरबर्ग ने नए समझौते के बारे में कहा कि इसमें मजबूत आंतरिक नियंत्रण तैयार करने और तकनीक से जुड़ी किसी भी समस्या का पता लगाने के लिए सिद्धांत और प्रतिबद्धताएं शामिल हैं.

यह भी पढ़िएः ट्रंप ने लॉन्च किया US का AI चैटबॉट, अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों से अलग दे रहा जवाब

 



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