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गुजरात-सैफई की मैच फिक्सिंग, मुसलमानों का वोट लेकर BJP समर्थकों को राज्यसभा भेज रहे अखिलेश… AIMIM का बड़ा हमला

गुजरात-सैफई की मैच फिक्सिंग, मुसलमानों का वोट लेकर BJP समर्थकों को राज्यसभा भेज रहे अखिलेश… AIMIM का बड़ा हमला

अखिलेश यादव और शादाब चौहान

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से 2 प्रत्याशियों के नामों के ऐलान के बाद सियासत तेज हो गई है. सपा ने राम गोपाल यादव और धनराज नाथवानी को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने प्रत्याशियों के ऐलान पर कहा कि अखिलेश यादव मुसलमानों का वोट लेकर बीजेपी समर्थित लोगों को राज्यसभा भेज रहे हैं. उनका कहना है कि गुजरात और सैफई के बीच किस तरह की मैच-फिक्सिंग है.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट शादाब चौहान ने राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशियों के चयन को लेकर समाजवादी पार्टी और अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी मुसलमानों को केवल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का डर दिखाकर वोट लेती है और राज्यसभा में बीजेपी नेताओं के करीबी लोगों को सीटें बांटती है.

किसके इशारे पर हुई ये डीलः शादाब चौहान

शादाब चौहान ने बीजेपी-NDA समर्थित सांसद परिमल नाथवानी के बेटे धनराज नाथवानी को समाजवादी पार्टी द्वारा राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर सवाल खड़े किए है, इसे “गुजरात और सैफई का रिश्ता” करार देते हुए पूछा कि “यह कौन सी मैच-फिक्सिंग है? क्या यह डील पीएम नरेंद्र मोदी के इशारे पर हुई है या अपर्णा यादव के जरिए?”

AIMIM प्रवक्ता ने सपा के मुस्लिम विधायकों पर तंज कसते हुए उन्हें “सियासी संविदा कर्मी” बताया और कहा कि उनसे सिर्फ प्लेन फॉर्म पर दस्तखत करवाए जाते हैं. मुसलमानों को सिर्फ वोट देने वाली मशीन बनाकर रख दिया गया है, जबकि अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और राजनीतिक हिस्सेदारी के नाम पर उन्हें नजरअंदाज किया जाता है.

AIMIM नेता चौहान ने कहा कि सपा की तथाकथित धर्मनिरपेक्षता का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है. उत्तर प्रदेश का मुसलमान अब इस राजनीतिक ढोंग और छलावे को समझ चुका है और उसे इसका माकूल जवाब देगा.

राम गोपाल और परिमल का नामांकन पत्र

इससे पहले राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के उम्मीदवार राम गोपाल यादव और धनराज नाथवानी ने आज बुधवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. राम गोपाल और धनराज ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और पार्टी के कई अन्य विधायकों की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. धनराज नाथवानी मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा संख्या-बल के आधार पर बीजेपी की अगुवाई वाले गठबंधन के पास 8 सीटें जीतने की संभावना है, जबकि कांग्रेस के समर्थन से समाजवादी पार्टी 2 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है. हालांकि दावा किया जा रहा है कि पार्टी तीसरा प्रत्याशी भी खड़ा कर सकती है.

UP में राज्यसभा के लिए 10 सीटों पर चुनाव

यह चुनाव उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के 9 सांसदों के कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होने की वजह से कराए जा रहे हैं. इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा के अलावा बीजेपी नेता अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल और सीमा द्विवेदी शामिल हैं. इनके अलावा राम गोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम भी रिटायर हो रहे हैं.

हरदीप पुरी और बीएल वर्मा अभी केंद्रीय मंत्री हैं और उन्हें अपना पद बनाए रखने के लिए संसद के किसी भी सदन का सदस्य होना होगा. जबकि राज्यसभा की 10वीं सीट प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा देने की वजह से खाली हुई है.

चुनाव आयोग के अनुसार, चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. 16 अक्टूबर को वोटिंग कराई जाएगी और उसी दिन वोटों की गिनती भी होगी.

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. 2014 में पत्रकारिता की शुरुआत Zee Media से हुई. दिल्ली में रिपोर्टिंग की. 2018 में ETV भारत के नेशनल ब्यूरो में बतौर रिपोर्टर जॉइन किया. इस दौरान संघ (RSS-VHP), शिक्षा, कृषि, पर्यटन के साथ किसान और मजदूरों के मुद्दों पर रिपोर्टिंग की. 2022 में TV9 भारतवर्ष जॉइन किया और दिल्ली ब्यूरो का हिस्सा रहे. इस दौरान उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान,महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में कई बड़ी खबरों और इवेंट्स कवर करने का अवसर मिला. 2025 में लखनऊ ब्यूरो की जिम्मेदारी के साथ दिल्ली से लखनऊ भेजा गया. 17 साल दिल्ली में रहने के बाद अब कर्मस्थली यूपी की राजधानी है. अब उत्तर प्रदेश की राजनीति, सरकार और जनता से जुड़े मुद्दों की रिपोर्ट जनता तक पहुंचाते हैं.

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