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ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क पर NIA का शिकंजा, ISIS के 9 आरोपियों पर चार्जशीट

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  • एनआईए ने ऑनलाइन कट्टरपंथ में 9 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की।
  • आरोपी सोशल मीडिया से युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर आतंकी बना रहे थे।
  • भारत में हिंसक जिहाद से खिलाफत स्थापित करने की साजिश रची थी।
  • विस्फोटक बनाने और हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दे रहे थे।

ऑनलाइन सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेलने और आतंकी संगठन ISIS की गतिविधियों को बढ़ावा देने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है. NIA ने विजयवाड़ा की विशेष NIA अदालत में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. ये मामला ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन से जुड़ा है.

चार्जशीट में मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश, मिर्जा सोहेल बेग, लकी अहमद, जीशान अब्दुल मजीद, मीर आसिफ अली, अब्दुल सलाम, शारुक खान और शेख फैज उर रहमान को आरोपी बनाया गया है.

हिंसक जिहाद के जरिए भारत में खिलाफत की रची थी बड़ी साजिश

NIA के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के सदस्य या समर्थक थे. आरोप है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम, का इस्तेमाल युवाओं को प्रभावित और कट्टरपंथी बनाने के लिए किया.

जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने के इरादे से हिंसक जिहाद के जरिए भारत में खिलाफत स्थापित करने की बड़ी साजिश रची थी. इसके लिए कथित तौर पर ऐसे युवाओं को निशाना बनाया गया, जो आसानी से उनके प्रभाव में आ सकते थे. 

युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने और कट्टर बनाने का आरोप

NIA के मुताबिक, आरोपियों ने युवाओं को हिंसक आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित और कट्टरपंथी बनाने की कोशिश की. जांच में ये भी सामने आया कि आरोपी विस्फोटक बनाने और हथियार चलाने की ट्रेनिंग की तैयारी कर रहे थे. इस मामले में जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई, जहां आरोपियों ने आपस में गुप्त तरीके से बातचीत करने के लिए एक सिक्योर कम्युनिकेशन ऐप विकसित किया था. आरोप है कि इस ऐप को तैयार करने और उसका परीक्षण करने का मकसद आपस में होने वाली बातचीत को सुरक्षित और गुप्त रखना था.

UAPA के साथ BNS की अन्य धाराओं में मामला दर्ज

ये मामला सबसे पहले 23 मार्च, 2026 को विजयवाड़ा के विजयवाड़ा-II टाउन थाने में दर्ज किया गया था. बाद में NIA ने मामले की जांच अपने हाथ में ली. मामले में अब तक 11 आरोपियों और कानून से संघर्षरत एक बच्चे को गिरफ्तार किया जा चुका है.

NIA ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है. एजेंसी ने कहा कि मामले में बाकी आरोपियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच अभी जारी है. 

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