उत्तर प्रदेशभारत

69000 शिक्षक भर्ती घोटाले के ‘किंगपिन’ पर एक्शन, 2 करोड़ की संपत्ति जब्त; माफिया के भाइयों पर भी कसा शिकंजा

69000 शिक्षक भर्ती घोटाले के ‘किंगपिन’ पर एक्शन, 2 करोड़ की संपत्ति जब्त; माफिया के भाइयों पर भी कसा शिकंजा

उत्तर प्रदेश में अपराधियों के आर्थिक साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने का सिलसिला नहीं थम रहा है. भदोही पुलिस ने आज प्रदेश के चर्चित 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाले के जेल में बंद मुख्य सूत्रधार मायापति दुबे के खिलाफ एक मेगा ऑपरेशन को अंजाम दिया है. भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में पुलिस ने माफिया की 2 करोड़ की काली कमाई को ‘फ्रीज’ कर दिया है.

शिक्षा के ‘सौदागर’ का अंत

मायापति दुबे, जो खुद को शिक्षा माफिया के तौर पर स्थापित कर चुका था, ने फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के दम पर करोड़ों की संपत्ति खड़ी की थी. आज कोइरौना पुलिस ने उसके पैतृक गांव बारीपुर और फुलवरिया में धावा बोला. पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे संख्या 112/2025 के तहत कार्रवाई करते हुए उसके भाई करुणापति दुबे की पत्नी के नाम पर चल रहे ‘त्रिपति ईंट उद्योग’ को कुर्क कर दिया. इस भट्ठे की सरकारी मालियत 1.60 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है और करीब 38 लाख रुपए के बुलडोजर और ट्रैक्टर को भी जब्त किया गया है.

बुलडोजर और अन्य संपत्ति जब्त

सिर्फ जमीन और भट्ठा ही नहीं, बल्कि अपराध की कमाई से खरीदी गई मशीनरी पर भी पुलिस ने सरकारी मुहर लगा दी है. कार्रवाई के दौरान 38 लाख रुपए की कीमत की एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टरों को भी जब्त किया गया है. मौके पर मौजूद एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि मायापति दुबे एक पेशेवर माफिया है, जिसका नेटवर्क कई जनपदों में फैला हुआ है. इसे UP STF ने मार्च 2023 में गिरफ्तार किया था, तब से यह न्यायिक हिरासत में है. एएसपी ने कहा कि आरोपी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने परिजनों के नाम पर बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं, जिन्हें चिन्हित कर नियमानुसार अब जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है.

अपराध कुंडली में दर्ज हैं गंभीर मुकदमे

मायापति दुबे का नेटवर्क भदोही से लेकर प्रयागराज और मऊ सहित अन्य जनपदों में फैला है. इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट 3 (1) समेत हत्या के प्रयास (307), रंगदारी (384) और धोखाधड़ी (420) जैसे 7 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं. प्रयागराज के सोरांव में दर्ज जालसाजी और आईटी एक्ट के मामले शिक्षक भर्ती घोटाले में इसके गहरे कनेक्शन की पुष्टि करते हैं.

अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि गिरोह बंद निवारण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई माफिया के इसी अंतर-जनपदीय साम्राज्य को खत्म करने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर की गई है. एएसपी ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करेगा, उसका हश्र मायापति दुबे जैसा ही होगा.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button