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4 सस्पेंड, बिल्डिंग मालिक अरेस्ट…लखनऊ अग्निकांड में जिंदा जले 15 लोग, आखिर कब रुकेंगे ऐसे हादसे?

4 सस्पेंड, बिल्डिंग मालिक अरेस्ट...लखनऊ अग्निकांड में जिंदा जले 15 लोग, आखिर कब रुकेंगे ऐसे हादसे?

लखनऊ अग्निकांड पर बड़ा एक्शन.

Lucknow Coaching Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने झकझोर कर रख दिया. सेक्टर-डी स्थित बहुमंजिला इमारत में दोपहर करीब 1:30 बजे आग लग गई, जिसमें अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में अधिकांश 20 से 30 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राएं बताए जा रहे हैं. हादसे में 9 गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज KGMU में जारी है. वहीं सीएम योगी के निर्देश के बाद इस मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. चार अधिकारियों के सस्पेंड कर दिया गया है. इनमें इंदिरा नगर फायर स्टेशन के अधिकारी कमलेंद्र कुमार सिंह भी शामिल हैं. वहीं चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला भी शामिल है. इसके साथ ही हादसे की जांच के लिए SIT टीम भी गठित कर दी गई है.

बिल्डिंग में चल रही थी लाइब्रेरी, कोचिंग और 3D आर्ट स्टूडियो

जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी, उसके बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर पेट शॉप और क्लीनिक संचालित थे. दूसरे तल पर ‘लर्निंग स्पेस’ नाम की लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर के साथ ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ संचालित हो रहा था, जहां 3D आर्ट प्रोडक्शन, एनिमेशन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम किया जाता था. आग लगने के बाद देखते ही देखते धुआं पूरे भवन में फैल गया और कई लोग अंदर फंस गए.

Lucknow Fire

इन लोगों की हुई गिफ्तारी.

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जान बचाने के लिए बाथरूम में छिपे छात्र

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग फैलने के बाद दूसरे तल पर मौजूद छात्रों ने खुद को बचाने के लिए बाथरूम में बंद कर लिया था. वहीं जयंत नाम का एक छात्र जान बचाने के लिए पहले फ्लोर से कूद गया. इसके अलावा पांच अन्य लोग बिजली के केबल के सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाने में सफल रहे. फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव टीमों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन, चार अधिकारी सस्पेंड

घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. जांच के दौरान प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इनमें जानकीपुरम कलेक्शन के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, इंदिरानगर फायर स्टेशन के FSSO कमलेंद्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता (AE) अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर (JE) प्रमोद पांडे शामिल हैं.

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6 नामजद समेत अन्य जिम्मेदारों पर FIR

अलीगंज थाने में इस मामले में मुकदमा संख्या दर्ज किया गया है. BNS की धारा 110, 105, 125, 3(5) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के तहत छह नामजद आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

4 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), सुरेश कुमार शाहू और तुषार कृष्णा जायसवाल (31) शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. आगे की विधिक कार्रवाई जारी है. प्रशासनिक स्तर पर भी हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच की जा रही है.

जांच के लिए SIT का गठन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाई लेवल बैठक के बाद दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए हैं. इस जांच दल में पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रवीण कुमार को सदस्य बनाया गया है. मुख्यमंत्री ने एसआईटी को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए हैं. सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि हर बड़े हादसे के बाद गिरफ्तारी, सस्पेंशन और जांच के आदेशों का सिलसिला शुरू हो जाता है, फिर भी सवाल वही रहता है- आखिर कब तक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और फायर सेफ्टी में चूक के कारण मासूम लोगों की जान जाती रहेगी? दिल्ली से लेकर लखनऊ तक लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे इस बात की चेतावनी हैं कि यदि सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू नहीं किया गया तो ऐसे हादसे बार-बार दोहराए जाते रहेंगे.

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी को पत्रकारतिा के क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. देश और उत्तरप्रदेश की राजनीति को कवर करते आ रहे हैं. दिल्ली में अमर उजाला और पंजाब केसरी से पत्रकारिता की यात्रा की शुरुआत हुई.  दिल्ली में 2 साल की पत्रकारिता के बाद मिट्टी की खुशबू यूपी खींच लाई और तब से राजधानी लखनऊ में ही पत्रकारिता हो रही है. 2017 में यात्रा को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े. राजनीतिक खबरों में गहरी रुचि और अंदर की खबर को बाहर लाने का हुनर, साथ ही यूपी की ब्यूरोकेसी में खास पकड़.  पत्रकारिता का फलसफा खबरों को खबर के रूप में ही जनता तक पहुंचाना.

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