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100 फीट ऊंचे पेड़ पर जिंदगी और मौत से जूझ रही थी चील… पुलिस और आम लोग बने मसीहा, इस तरह किया रेसक्यू

100 फीट ऊंचे पेड़ पर जिंदगी और मौत से जूझ रही थी चील... पुलिस और आम लोग बने मसीहा, इस तरह किया रेसक्यू

मुरादाबाद ईगल रेस्क्यू

Moradabad Eagle Rescue: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के मुगलपुरा कोतवाली इलाके के काली माता मंदिर (लालबाग) चौकी के पास उस वक्त हड़कंप और मानवीय संवेदनाओं का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला ,जब 100 फुट ऊंचे विशालकाय पीपल के पेड़ की टहनी में फंसे एक बेजुबान पक्षी (चील) की जान बचाने के लिए खाकी वर्दी और आम नागरिक एक साथ ढाल बनकर खड़े हो गए.

स्थानीय निवासी आयुष कौशिक पुत्र प्रमोद कौशिक ने जब पक्षी को पेड़ की ऊंचाई पर मांझे/तार में असहाय लटकते देखा तो उन्होंने तुरंत 112 नंबर पर सूचना दी. पीआरबी 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की गंभीरता को देखा और तुरंत लालबाग चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक (SI) ओम शुक्ला को सूचित किया. पेड़ की अत्यधिक ऊंचाई के कारण बचाव कार्य बेहद कठिन और जोखिम भरा था, लेकिन चौकी प्रभारी ओम शुक्ला ने बिना समय गंवाए स्थिति का जायजा लिया और फायर ब्रिगेड मुरादाबाद के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा.

जांच के बाद चील को खुले आकाश में छोड़ दिया गया

इसके बाद दमकल विभाग की टीम गाड़ियों, लंबी सीढ़ी और बांस के साथ मौके पर पहुंची. इस पूरे संवेदनशील व चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए लगभग 15 पुलिसकर्मियों और 15 स्थानीय नागरिकों की संयुक्त टीम ने अपनी जान की परवाह किए बिना 3 घंटे तक सांसें थाम देने वाली मशक्कत की. कड़ी मेहनत और समन्वय के बल पर आखिरकार पक्षी को सकुशल और सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिसे प्राथमिक जांच के बाद खुले आकाश में आजाद कर दिया गया है.

रेस्क्यू की शुरुआत उस समय हुई, जब काली माता मंदिर क्षेत्र में स्थित 100 फीट ऊंचे पीपल के पेड़ पर एक चील पतंग के मांझे में उलझकर जिंदगी और मौत से जूझ रही थी. प्रत्यक्षदर्शी आयुष कौशिक की सतर्कता से 112 के माध्यम से पुलिस प्रशासन हरकत में आया. सूचना मिलते ही लालबाग चौकी प्रभारी एसआई ओम शुक्ला दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. पेड़ की भयावह ऊंचाई को देखते हुए साधारण तरीकों से बचाव संभव नहीं था, जिसके चलते फायर ब्रिगेड मुरादाबाद की टीम को तत्काल बुलाया गया और रेस्क्यू का ताना-बाना बुना गया.

3 घंटे चला रेस्क्यू

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तंग गलियों और अत्यधिक ऊंचाई जैसी भीषण चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इस रेस्क्यू को सफल बनाने के लिए लगभग 15 पुलिसकर्मी और 15 स्थानीय लोग एक साथ मैदान में डटे रहे. फायर ब्रिगेड के चालक रूपेंद्र कुमार, दरोगा अतुल कुमार, राजू सिंह तथा स्थानीय निवासियों दानिश, सालिम और मुदस्सिर ने संयुक्त रूप से लंबी सीढ़ियों व बांसों को आपस में जोड़कर 3 घंटे की कड़ी मशक्कत की. सभी के साझा प्रयास और अटूट लगन के परिणामस्वरूप चील को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित नीचे उतार लिया गया.

सफल रेस्क्यू के बाद चील पूरी तरह स्वस्थ पाई गई और उसे तुरंत खुले आसमान में उड़ने के लिए छोड़ दिया गया है. इस दौरान चौकी प्रभारी ओम शुक्ला ने नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि सभी लोग बेजुबान जानवरों और पक्षियों की रक्षा करें. जानलेवा नायलॉन व चाइनीज मांझे का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दें. पुलिस और जनता के इस मानवीय कार्य की हर तरफ प्रशंसा हो रही है. वहां मौजूद सभी लोगों ने भी पुलिस टीम व स्थानीय मददगारों के सम्मान में जमकर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया.

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शारिक सिद्दिकी

शारिक सिद्दिकी

पिछले 4 सालों से पत्रकारिता के फील्ड में हूं, निष्पक्ष पत्रकारिता का पक्षधर और सच्चाई के साथ अपने कर्तव्य का पालन करना ही मेरा उद्देश्य.

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