उत्तर प्रदेशभारत

वाराणसी से जाम की टेंशन होगी छू मंतर, ये दो प्रोजेक्ट बदल देंगे काशी की तस्वीर

Varanasi News: मोदी कैबिनेट ने वाराणसी में ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर गंगा और वरुणा पर बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर की वजह से वाराणसी एयरपोर्ट से बाबा विश्वनाथ के दरबार तक जाने में महज 15 मिनट, जबकि BHU जाने में 20 मिनट लगेंगे. अभी ये समय करीब 45 मिनट से एक घंटे तक लगता है. इन कॉरिडोर के बन जाने से गंगा घाटों, बीएचयू, विश्वनाथ मंदिर और सारनाथ पहुंचना आसान हो जाएगा. इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर 100 की स्पीड में चलना आसान होगा. इनकी अनुमानित लागत करीब 25 हजार करोड़ रुपए मानी जा रही है.

इन दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर से शहर में जाम की समस्या से जो मुक्ति मिलेगी. उससे 1.25 करोड़ लीटर फ्यूल की बचत होगी. व्यापार 30% जबकि पर्यटन 50% तक बढ़ने की संभावना है. राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच गंगा पर कनेक्टिविटी के लिए 46 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर प्रस्तावित है. 14,447 करोड़ की लागत से ये बनना है. दूसरा कनेक्टिविटी कॉरिडोर वरुणा नदी पर बनना है.

ये भी पढ़ें- 39KM लंबा, 25000 करोड़ खर्च, 41 गांवों की जमीन वाराणसी के लिए गेम चेंजर बनेगा गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर

Varanasi News In Hindi

इस प्रोजेक्ट में मुख्य कैरिजवे, फ्लाईओवर, लूप, रैंप और सर्विस रोड सहित मुख्य रूप से 6/4-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है. इसे NHAI हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत कुल 10,998.32 करोड़ रुपए की लागत से पूरा करेगा. इसके साथ ही वाराणसी रिंग रोड, वाराणसी एयरपोर्ट, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के घाटों और आसपास के चंदौली क्षेत्र तक पहुंच को काफी बेहतर बनाएगा.

काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए एक बिल्कुल नया मार्ग

मोदी सरकार ने बाबा विश्वनाथ के दरबार तक पहुंचने के लिए एक नया मार्ग तय किया है. रामनगर की तरफ से एक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक गंगा पर एक पुल बनाया जाएगा. बिहार सरकार ने रामनगर में आठ एकड़ जमीन जो कि बेतिया स्टेट की जमीन थी, उसको इस प्रोजेक्ट के लिए यूपी सरकार को सौंप दिया है.

इस आठ एकड़ में 5000 गाड़ियों की क्षमता वाले मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा. बिहार, बंगाल, एमपी, छत्तीसगढ़ और झारखंड से विश्वनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालु बिना शहर में प्रवेश किए मंदिर जा सकेंगे. वाराणसी के मण्डलायुक्त एस. राज लिंगम ने बताया कि वाराणसी देश का एक मात्र ऐसा शहर है, जिसके सड़क विकास में 2014 से अब तक 59,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जो कि एक रिकॉर्ड है.

साल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

इन परियोजनाओं को साल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इनके तैयार होने के बाद लखनऊ, प्रयागराज और जौनपुर की तरफ से आने वाले लोगों को वाराणसी शहर के जाम से राहत मिलेगी. लोग बिना शहर के भारी ट्रैफिक में फंसे काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्य प्रमुख स्थानों तक आसानी से पहुंच सकेंगे.

क्या बोले डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य?

एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने कहा कि ये काशी को बहुत बड़ी सौगात है. इस प्रोजेक्ट से बाबा विश्वनाथ की नगरी और भव्य और दिव्य होगी. इसका लाभ काशी के साथ-साथ गाजीपुर, चंदौली और अन्य दूसरे जिलों को भी मिलेगा. काशी जो सपा और कांग्रेस के शासन में पहचान के संकट से जूझती थी, आज दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र है. साल में 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आज काशी आते हैं.

अमित कुमार सिंह

अमित कुमार सिंह

पिछले 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय, 2008 सितम्बर में नई दुनियां अख़बार दिल्ली से पत्रकारिता शुरू की. अप्रैल 2009 में ज़ी मीडिया जॉइन किया. दिसंबर 2018 तक ज़ी मीडिया में बतौर ब्यूरो चीफ बनारस रहा. जनवरी 2019 से जनतंत्र टीवी में गए और 2021 तक जिम्मेदारी निभाई.

रोमिंग जर्नलिस्ट के तौर पर जनतंत्र टीवी के लिए स्पेशल करेस्पोंडेंट की हैसियत से दिल्ली, बिहार-झारखंड और लखनऊ में अपनी सेवाएं दीं. टीवी 9 यूपी का हिस्सा बनने से पहले न्यूज़ नेशन गोरखपुर में बतौर ब्यूरो चीफ़ की भूमिका में रहे. फिलहाल टीवी 9 यूपी (डिजिटल) के लिए बनारस से सेवाएं दे रहे हैं.

Read More

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button