विश्व

‘भारत के मेहमान पर बीच समंदर में हमला, पछताएगा अमेरिका…’ IRIS Dena वॉरशिप डुबोने पर ईरान आगबबूला

हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो से डुबोने के बाद अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ गया है. यह जहाज भारत में हुए नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था. ईरान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय पानी में किया गया गंभीर हमला बताते हुए अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है.

ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका को घेरा
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने इस हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पानी में ईरानी जहाज पर हमला करना ‘समंदर में किया गया बड़ा अपराध’ है. उन्होंने बताया कि यह जहाज हाल ही में भारत की नौसेना के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहा था और इसमें करीब 130 नाविक सवार थे. अराघची ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई का अमेरिका को ‘कड़ा परिणाम भुगतना पड़ेगा.

श्रीलंका के पास हुआ हमला
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की एक पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में ईरान के फ्रिगेट IRIS Dena को टॉरपीडो से निशाना बनाया. यह हमला श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हिंद महासागर में हुआ. बताया जा रहा है कि यह जहाज भारत में हुए संयुक्त नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था. यह घटना इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार अमेरिका ने टॉरपीडो से किसी दुश्मन जहाज को डुबोया है.

भारत के नौसैनिक कार्यक्रम में शामिल हुआ था जहाज
IRIS Dena एक फ्रिगेट श्रेणी का युद्धपोत था. इसने फरवरी 18 से 25 तक बंगाल की खाड़ी में हुए अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. यह कार्यक्रम MILAN 2026 और इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का हिस्सा था, जहां दुनिया के कई देशों की नौसेनाएं शामिल हुई थीं. यह जहाज विशाखापट्टनम से वापस ईरान जा रहा था, तभी अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में इस पर हमला हुआ.

हमले में भारी नुकसान की आशंका
रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में जहाज पर सवार करीब 80 लोगों की मौत हो सकती है. श्रीलंका नेवी ने अब तक लगभग 30 नाविकों को बचाया है. बचाए गए लोगों को इलाज के लिए Galle के करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि हमले का एक वीडियो भी सामने आया है जिसे  अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने साझा किया है. ड्रोन फुटेज में देखा गया कि जहाज शांत समुद्र में सामान्य रूप से आगे बढ़ रहा था. तभी अचानक जहाज के पिछले हिस्से के पास जोरदार विस्फोट हुआ और पानी, आग और मलबे का बड़ा गुबार उठ गया.

ईरान-इजराइल टकराव से बढ़ा तनाव
यह घटना ऐसे समय हुई है जब इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हवाई हमले किए थे. इन हमलों में ईरान के कई बड़े नेताओं को निशाना बनाया गया था, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की भी मौत हो गई. इसके बाद से ईरान ने कई देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, खासकर उन देशों पर जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. इससे पूरा मध्य पूर्व क्षेत्र तनाव में आ गया है.

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