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बरेली के सिम कार्ड हो रहे थे साइबर ठगी में इस्तेमाल, कई देशों तक फैले गैंग के तार; जानें पूरा मामला

बरेली के सिम कार्ड हो रहे थे साइबर ठगी में इस्तेमाल, कई देशों तक फैले गैंग के तार; जानें पूरा मामला

साइबर ठगों तक पहुंच रहे थे बरेली के सिम कार्ड्स

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में साइबर ठगी को लेकर पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे साइबर ठग बरेली में पहले से चालू कराए गए सिमकार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहे थे. इन सिमकार्ड को कुछ स्थानीय एजेंट गैरकानूनी तरीके से बेच रहे थे. पुलिस ने इस मामले में पांच दिन का विशेष अभियान चलाकर ऐसे पांच सिम एजेंटों को चिह्नित किया है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और जो भी लोग इस तरह के गैरकानूनी काम में शामिल पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. एसएसपी अनुराग आर्य को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से इनपुट मिला था कि बरेली जिले में कुछ सिम एजेंट नियमों को ताक पर रखकर पहले से एक्टिव सिमकार्ड बेच रहे हैं. बाद में यही सिम साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हो रहे हैं. इस जानकारी को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए.

सीओ हाईवे के नेतृत्व में जिले भर में पांच दिन तक अभियान चलाया गया. इस दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय सिम एजेंटों की जांच की गई. साइबर सेल की टीमों ने सिम बिक्री से जुड़े दस्तावेजों, केवाईसी प्रक्रिया और ग्राहकों की जानकारी की बारीकी से पड़ताल की. जांच में सामने आया कि कुछ एजेंट बिना सही पहचान और नियमों का पालन किए सिम बेच रहे थे.

विदेश से हो रही ठगी

जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि जिन सिमकार्डों की बिक्री बरेली से की गई थी उनका इस्तेमाल दक्षिण एशिया के कुछ देशों से संचालित साइबर अपराध में हो रहा है. खास तौर पर कंबोडिया, म्यांमार और लाओस जैसे देशों से कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आए हैं. पुलिस के अनुसार इन देशों में सक्रिय साइबर गिरोह, भारत के अलग-अलग हिस्सों से जुटाए गए सिमकार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी कॉल, ओटीपी ठगी, बैंक फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं. कई मामलों में इसे साइबर स्लेवरी से भी जोड़ा जा रहा है जहां लोगों को जबरन ठगी के काम में लगाया जाता है.

पांच सिम एजेंटों पर दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने संदिग्ध सिम एजेंटों से पूछताछ की और उनके पास मौजूद रिकॉर्ड की जांच की. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पांच एजेंटों के खिलाफ अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज की गई है. प्रेमनगर थाने में साईं धाम कर्मचारी नगर निवासी अशोक, बारादरी थाने में हरूनगला निवासी हरवेंद्र सिंह, फरीदपुर थाने में सैदापुर निवासी सचिन, भुता थाने में खजरिया संपत निवासी हरिशंकर और क्योलड़िया थाने में क्योलड़िया निवासी रवि के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि यह सभी एजेंट नियमों के खिलाफ जाकर प्री-एक्टिवेटेड सिम बेच रहे थे, जिससे साइबर अपराधियों को मदद मिल रही थी. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे गैरकानूनी काम करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.

आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से ही सिमकार्ड लें और अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी किसी को भी गलत तरीके से न दें. अगर किसी को संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन ठगी का सामना करना पड़े तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं. बरेली पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है.

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