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फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी! रोहित शर्मा ने संन्यास को लेकर किया ऐलान, बताया कब तक खेलेंगे क्रिकेट

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और वनडे क्रिकेट में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज रोहित शर्मा ने उन आलोचकों को करारा जवाब दिया है, जिन्होंने उनके संन्यास लेने को लेकर बातें की थी. साल 2025 में हिटमैन ने भारत के लिए सभी 14 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 2 शतक और 4 अर्धशतक की मदद से कुल 650 रन बनाए. इस साल अक्टूबर (2025) में ऑस्ट्रेलिया में हुए 3 मैचों की वनडे सीरीज में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी की थी. जिसके बाद, उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया था. इसी के साथ, रोहित पहली बार वनडे में बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर 1 पर पहुंचे. अब संन्यास के सवाल पर रोहित ने साफ कहा कि उनका आखिरी मैच तब होगा जब वो चाहेंगे. फिलहाल वो अच्छा खेल रहे हैं और तब तक खेलते रहेंगे जब तक अच्छा महसूस करेंगे. जिस उंचाई पर हैं वो अभी उसी जगह रहना चाहेंगे.

ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले रोहित को कप्तानी से गया था हटाया

ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर को लेकर कई सवाल थे. उन्हें भारत की वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया गया था, तो लोग संन्यास तक की बात करने लगे थे. जबकि रोहित शर्मा ने अपनी आखिरी सीरीज में टीम को ICC चैंपियंस ट्रॉफी जिताया था. कुछ विदेशी दौरों पर रन बनाने में नाकाम रहे रोहित पर सवाल उठने लगे थे. उन्होंने पहले ऑस्ट्रेलिया में रन बनाया और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी फॉर्म बरकरार रखी और दो अर्धशतक लगाए. रोहित अब इस हफ्ते मुंबई के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते नजर आएंगे.

गुरुग्राम में हुए एक इवेंट में रोहित ने दिया बयान

रोहित रविवार यानी 21 दिसंबर, 2025 को गुरुग्राम में हुए एक इवेंट में पहुंचे थे, जहां उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने भविष्य को लेकर बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने कहा, ‘मेरा भी जीवन कुछ ऐसा ही था, शुरुआत करना बहुत मुश्किल था. लेकिन एक बार जब मैंने रफ्तार पकड़ी, जब मैं प्लेन में बैठा, तो उस प्लेन ने जो ऊंचाई पकड़ी है, वो अभी तक नीचे नहीं आई है. मुझे लगता है यही मायने रखता है और मैं नहीं चाहता कि वो प्लेन इतनी जल्दी लैंड करे. मुझे अभी भी ऊपर बने रहना है.’ 

रोहित ने आगे कहा, ‘हम सब जानते हैं, मुझे यकीन है कि सबने प्लेन में सफर किया है. इसलिए मैंने प्लेन का उदाहरण दिया. जब प्लेन 35,000-40,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचता है, तो अच्छा और रिलैक्स महसूस होता है, हम खाते हैं और सोते हैं. यही जिंदगी है. एक बार जब आप रफ्तार पकड़ लेते हैं, तो जरूरी है कि आप वहीं बने रहें, और फिर लैंडिंग भी जरूरी है, लेकिन ये आप पर निर्भर करता है कि आप कब लैंड करना चाहते हैं.’



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