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जेल की दीवारों से घंटों करता था बात, पत्नी-बच्चों का हत्यारा मानसिक रोगी घोषित… वाराणसी में चलेगा इलाज

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में गंगोह क्षेत्र के गांव सांगाठेड़ा में हुई घटना को याद कर आज भी लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. भाजपा नेता योगेश रोहिला ने अपने ही घर में खून की होली खेली थी. घटना को याद कर आज भी लोग सिहर जाते हैं. वहीं सात महीने बाद अब इस हत्याकांड से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है. सहारनपुर जिला जेल में बंद योगेश की मानसिक स्थिति बिगड़ने के बाद चिकित्सकों की टीम ने उसे मानसिक रोगी घोषित किया है. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद जेल प्रशासन ने उसे वाराणसी स्थित मानसिक रोगियों के लिए विशेष कारागार में शिफ्ट कर दिया है.

दरअसल, वारदात को 22 मार्च 2025 को गंगोह थाना क्षेत्र के गांव सांगाठेड़ा निवासी भाजपा नेता योगेश रोहिला ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी नेहा और तीन मासूम बच्चे श्रद्धा, शिवांश और देवांश पर गोलियां बरसाईं थीं. उसने सबके सिर में गोली मारी थी. तीनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पत्नी नेहा ने तीन दिन बाद पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

‘सब खत्म हो गया’

वारदात को अंजाम देने के बाद योगेश ने खुद थाना गंगोह पुलिस को फोन कर कहा था कि सब खत्म हो गया है. पुलिस ने तत्काल गांव पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस जांच में सामने आया था कि योगेश लंबे समय से मानसिक दबाव और शक की बीमारी से जूझ रहा था. वह अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर अक्सर परिवार से झगड़ता रहता था.

ग्रामीणों का कहना है कि वह कई दिनों तक खुद से बातें करता और घरवालों से दूरी बना लेता था. गांववालों को अब भी यकीन नहीं होता कि वही योगेश, जो कभी मददगार और शांत स्वभाव का था, एक दिन अपने ही परिवार का कातिल बन जाएगा.

जेल में करता था असामान्य व्यवहार

सहारनपुर जेल में बंद होने के बाद भी योगेश का व्यवहार सामान्य नहीं रहा. वह कई बार खुद को बड़ा नेता बताता, कभी आत्महत्या की बातें करता, तो कभी घंटों तक दीवारों से बात करता था. जेल अधिकारियों ने उसके असामान्य व्यवहार को देखते हुए मनोचिकित्सकों की एक टीम गठित की.

टीम ने 14 दिनों तक उसकी हरकतों और मानसिक स्थिति का अवलोकन किया. इस दौरान पाया गया कि योगेश गहरे अवसाद, अनिद्रा और मानसिक असंतुलन से पीड़ित है. रिपोर्ट में उसे मानसिक रोगी करार दिया गया. इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उसे वाराणसी के मानसिक रोगी कारागार में स्थानांतरित कर दिया, जहां उसका इलाज किया जाएगा.

केस पर शुरू हुई सुनवाई

इस बीच, पत्नी और तीनों बच्चों की हत्या के मामले में दर्ज मुकदमे का ट्रायल भी शुरू हो गया है. सितंबर माह में एडीजे प्रथम की अदालत में इस केस की सुनवाई प्रारंभ हुई है. अदालत ने आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर भी रिपोर्ट तलब की है.

सहारनपुर जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक सत्यप्रकाश ने बताया योगेश रोहिला के असामान्य व्यवहार को देखते हुए चिकित्सकों का पैनल गठित किया गया था. डॉक्टरों ने 14 दिनों तक उसकी निगरानी की और रिपोर्ट में उसे मानसिक रूप से अस्थिर पाया. इसी आधार पर उसे वाराणसी के मानसिक रोगी कारागार में शिफ्ट किया गया है.

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