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फर्जी वादे, बिल्डर-बैंक गठजोड़ और करोड़ों का खेल… CBI ने गाजियाबाद हाउसिंग घोटाले की पोल खोली

फर्जी वादे, बिल्डर-बैंक गठजोड़ और करोड़ों का खेल... CBI ने गाजियाबाद हाउसिंग घोटाले की पोल खोली

केंद्रीय जांच ब्यूरो.

घर खरीदने वालों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मामले में अहम सफलता हासिल करते हुए, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बिल्डरों और बैंकों के बीच सांठगांठ का पर्दाफाश किया है. इस मामले के सिलसिले में एजेंसी ने M/s मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, उसके निदेशकों और भारतीय स्टेट बैंक के कुछ अधिकारियों के खिलाफ अपनी नौवीं चार्जशीट दाखिल की है. यह मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां आरोपियों पर वित्तीय संस्थानों के साथ-साथ भोले-भाले घर खरीदने वालों के साथ भी धोखाधड़ी करने का आरोप है.

CBI की जांच में पता चला कि बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने बैंक अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी. आरोप है कि उन्होंने झूठे वादों और गुमराह करने वाली जानकारियों के जरिए घर खरीदने वालों और निवेशकों को धोखा दिया और इस तरह गैर-कानूनी तरीकों से गलत तरीके से वित्तीय लाभ कमाया. जांच में आगे यह भी खुलासा हुआ कि बैंक के कुछ अधिकारियों ने तय नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया और बिल्डर की गैर-कानूनी गतिविधियों में सक्रिय रूप से मदद की.इसका नतीजा यह हुआ कि न केवल बैंकिंग संस्थानों को वित्तीय नुकसान हुआ, बल्कि घर खरीदने वालों के साथ भी धोखाधड़ी हुई.

दुरुपयोग और धोखाधड़ी की बड़ी साजिश की पुष्टि

CBI ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं, जिनमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल शामिल है. इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी एक मामला दर्ज किया गया है. जांच के दौरान, एजेंसी ने बड़ी मात्रा में दस्तावेजी और मौखिक सबूत इकट्ठा किए, जिनसे फंड के गलत इस्तेमाल, आधिकारिक पद के दुरुपयोग और धोखाधड़ी की बड़ी साजिश की पुष्टि होती है.

पूरे देश में ऐसे 50 मामलों की जांच कर रही CBI

CBI ने बताया कि वह इस समय पूरे देश में ऐसे कुल 50 मामलों की जांच कर रही है, जिनमें धोखाधड़ी और फंड के गलत इस्तेमाल से घर खरीदने वाले प्रभावित हुए हैं; ये मामले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दर्ज किए गए थे. इससे पहले, एजेंसी कई बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. CBI ने आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और आम लोगों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने के प्रति अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई है. खास तौर पर उन मामलों में जिनका असर आम नागरिकों और घर खरीदने वालों के हितों पर पड़ता है.

जितेन्द्र कुमार शर्मा

जितेन्द्र कुमार शर्मा

साल 2002 से क्राइम और इन्वेस्टिगेशन रिपोर्टिंग का अनुभव। नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, शाह टाइम्स के अलावा टीवी मीडिया में BAG Films के नामी शो सनसनी और रेड अलर्ट में काम किया। उसके बाद न्यूज 24, इंडिया टीवी में सेवाए दी और टीवी 9 भारतवर्ष के साथ सफर जारी है।

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