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प्रधान के भाई ने क्यों किया सांसद पप्पू यादव पर चप्पल से हमला, क्या बोला परिवार?

प्रधान के भाई ने क्यों किया सांसद पप्पू यादव पर चप्पल से हमला, क्या बोला परिवार?

सांसद पप्पू यादव

बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में हुए कथित हमले की जांच में अब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का कनेक्शन सामने आया है. मामले में बुलंदशहर के हैप्पी शर्मा और सुमित गिरी के नाम सामने आए हैं, जिन पर सांसद पर चप्पल फेंकने का आरोप है. घटना के बाद दोनों के परिवारों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जबकि मामले की जांच जारी है.

हैप्पी शर्मा बुलंदशहर की कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नेथला हसनपुर का निवासी है और ठेकेदारी का काम करता है. वहीं, दूसरा आरोपी सुमित गिरी सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव सहपानी का रहने वाला है और कबाड़ (स्क्रैप) के कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है. सुमित के बड़े भाई भूपेंद्र वर्तमान में गांव के ग्राम प्रधान हैं.

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि हैप्पी शर्मा भाजपा के ग्रामीण मंडल में उपाध्यक्ष पद पर है, जबकि सुमित गिरी को भाजपा का नगर मंत्री बताया जा रहा है. हालांकि इन दावों की पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

वीडियो जारी कर हैप्पी शर्मा ने दी सफाई

घटना के बाद हैप्पी शर्मा का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. वीडियो में वह दावा करता है कि उसने सांसद पप्पू यादव का विरोध इसलिए किया क्योंकि उनके अनुसार पप्पू यादव ने सनातन धर्म का अपमान किया था. हैप्पी का आरोप है कि सांसद ने भगवान श्रीराम की तस्वीर अपने पैरों के पास रखी थी, जिससे वह आहत हुआ.

वीडियो में उसने यह भी कहा कि वह दिल्ली में साधु-संतों के समर्थन में चल रहे धरने में शामिल होने गया था. वहां पहुंचने पर उसे पता चला कि धरनास्थल से साधु-संतों को हटा दिया गया है, जिसके विरोध में उसने अपना विरोध दर्ज कराया. साथ ही उसने यह भी कहा कि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से पहले उसकी तलाशी ली गई थी और उसके पास किसी प्रकार का चाकू या हथियार नहीं था.

परिवारों ने दी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

घटना के बाद हैप्पी शर्मा का परिवार मीडिया के सामने नहीं आया. गांव नेथला हसनपुर के कुछ ग्रामीणों का कहना है कि हैप्पी को दिल्ली में हिरासत में लिया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि उसने ऐसा किया है तो उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था.

वहीं, सुमित गिरी की मां ने पूरे मामले पर हैरानी जताई है. उनका कहना है कि उनका बेटा रोज की तरह दोपहर में लंच बॉक्स लेकर काम पर निकला था. उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वह दिल्ली गया है. उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों पर खबर और तस्वीरें देखने के बाद ही उन्हें इस घटना की जानकारी मिली.

मां ने आरोपों को बताया निराधार

सुमित की मां ने सांसद पप्पू यादव द्वारा हत्या की साजिश से जुड़े लगाए गए आरोपों को भी पूरी तरह निराधार बताया है. उनका कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे जल्द रिहा किया जाना चाहिए.

फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में दोनों युवकों की भूमिका क्या थी और उनके खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सुमित शर्मा

सुमित शर्मा

सुमित शर्मा ने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत अक्टूबर 2005 में सिटी न्यूज़ चैनल से की थी. इसके बाद वर्ष 2006 से 2014 तक ज़ी न्यूज़ में बतौर कैमरा पर्सन कार्य किया. वर्ष 2010 से 2011 तक जीएनएन न्यूज़ चैनल में बतौर रिपोर्टर कार्य किया, जबकि 2011 से 2014 तक सी न्यूज़ चैनल में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दीं.

अक्टूबर 2014 से अक्टूबर 2015 तक दैनिक भास्कर में न्यूज़ रिपोर्टर रहे. इसके अलावा उन्होंने बीबीसी हिंदी के लिए भी रिपोर्टिंग की है. वो समाचार टुडे चैनल, जनतंत्र न्यूज़ चैनल और टीवी 100 न्यूज़ चैनल में भी रिपोर्टर के रूप में काम कर चुके हैं. वर्ष 2018 से वो टीवी9 भारतवर्ष में रिपोर्टर के तौर पर जुड़े हुए हैं.

 

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