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टीम इंडिया को अकेले हराने वाले जैकब बेथेल ने इंग्लैंड की जीत पर दिया बड़ा बयान, जानें क्या कहा

मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में जैकब बेथेल ने अकेले टीम इंडिया को हरा दिया. अब आप सोच रहे होंगे कि कोई खिलाड़ी भला अकेले कैसे किसी टीम को हरा सकता है, तो आपको बता दें कि शनिवार को मैनचेस्टर में ऐसा हुआ है. 22 साल के जैकब बेथेल मैनचेस्टर में शनिवार को दूसरे टी20 में इंग्लैंड के लिए वन मैन आर्मी साबित हुए. उन्होंने 46 गेंद में 76 रनों की नाबाद मैच विनिंग पारी खेली. भारत को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक समय टीम इंडिया आसानी से मैच जीत रही थी. 

मैच के बाद जैकब बेथेल से जब पूछा गया कि इंग्लैंड के लिए उनकी पसंदीदा पारियों में यह पारी कहां आती है तो उन्होंने कहा, “मैं इसे टॉप के करीब रखूंगा. एक बल्लेबाज के तौर पर जीत के साथ नाबाद लौटना और साथियों से हाथ मिलाना, इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता. मैंने कुछ शतक लगाए हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ एक ही जीत दिलाने वाला था. हम ऑस्ट्रेलिया में हारे, भारत में हारे, इसलिए उन मुकाबलों के बाद हमेशा यही ख्याल आता था कि मैं और क्या कर सकता था, लेकिन आज मैं बहुत खुश हूं. हम सीरीज में 1-0 से आगे हो गए हैं. भारत के खिलाफ पुरानी हार की कुछ कसक थी, इसलिए उन पर जीत हासिल करना अच्छा लगा. इससे मुझे आखिरी तीन मैच के लिए भी काफी आत्मविश्वास मिला है.”

16वें ओवर के बाद बेथेल 36 गेंद पर 42 रन बनाकर खेल रहे थे तभी उन्होंने मैच का रुख निर्णायक रूप से इंग्लैंड के पक्ष में मोड़ दिया. उन्होंने रवि बिश्नोई के 17वें ओवर में तीन छक्के और एक चौका लगाया (जिसमें दो नो-बॉल भी शामिल थीं) और 29 रन बटोरे. इसके बाद उन्होंने हर्षित राणा की गेंद पर भी छक्का जड़ा. उन्होंने अपनी आखिरी 10 गेंद पर 34 रन बनाए. 

बेथेल ने कहा, “इस तरह के लक्ष्य का पीछा करते समय आप पूरे समय आक्रामक नहीं खेलते. बात बस कुछ बड़े ओवरों में अधिक रन जुटाने की है और फिर मैच का रुख बदल जाता है.” बेथेल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए जब इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हो गए थे और टीम का स्कोर पांच गेंद में एक रन पर दो विकेट था. उन्होंने कहा, मैं काफी शांत था. जब ब्रूकी (हैरी ब्रूक) बल्लेबाजी करने गए तो मैंने कहा, अच्छा खेलना हैरी, और फिर कुछ गेंद के बाद मैं भी मैदान पर आ गया. जोस (बटलर) बदकिस्मत रहे लेकिन कम स्कोर पर दो विकेट गिरने के बाद मैदान पर आना अजीब लगता है. ब्रूकी ने उस स्थिति को अविश्वसनीय रूप से संभाला.” बता दें कि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ 15 गेंद में चार चौकों और तीन छक्कों से 39 रन की आक्रामक पारी खेली, जिससे टीम शुरुआती झटकों से उबरने में सफल रही. 

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