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जरीन खान का हिंदू रीति-रिवाजों से क्यों हुआ था अंतिम संस्कार, बेटे जायद ने अब तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘हमें बताने की जरूरत नहीं…’

पिछले साल, जायद खान की मां और पूर्व अभिनेत्री जरीन खान का मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया था. इसके बाद, उनके बेटे ज़ायद खान की कुछ तस्वीरें सामने आई थीं जिनमें वह हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अपनी मां का अंतिम संस्कार करते हुए दिखाई दिए थे. इन तस्वीरों ने ऑनलाइन चर्चा छेड़ दी थी. अब, इस पर जायद खान ने चुप्पी तोड़ी है और बताया कि आखिर उनकी मां का हिंदू रीति-रिवाजों से दाह संस्कार क्यों किया गया था.

जायद खान ने कहा उनके घर में इंसानियत सबसे बड़ा धर्म
जूम को हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में, जायद खान अपनी मां जरीन खान की आखिरी इच्छा को याद करते हुए भावुक हो गए, उन्होंने उन सवालों का भी जवाब दिया जो उनकी मां के हिंदू रीति-रिवाजों से हुए अंतिम संस्कार को लेकर उठाए गए थे, जबकि उनकी शादी एक मुस्लिम परिवार में हुई थी और उनकी जड़ें पारसी थीं. इसे लेकर जायद खान ने कहा कि उनके घर में ‘इंसानियत’ (मानवता) ही सबसे बड़ा धर्म है. एक्टर ने कहा कि उनके स्टाफ अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं, और उनके रहने, खाने और खर्चों का ध्यान रखने के अलावा, उनका परिवार यह भी पक्का करता है कि उनके बच्चों को वे सभी मौके मिलें जिनकी उन्हें ज़रूरत है.

ज़ायद ने कहा, “एक परिवार के तौर पर, हम धर्म को एक बहुत ही निजी चीज़ मानते हैं कि आप उसे कैसे अपनाना चाहते हैं न कि ऐसी चीज़ जिसमें कोई बेहतर हो या कोई बुरा. ये ऐसी बातें नहीं हैं जिन्हें कहना अच्छा हो. हम खुद को एक बहुत ही सेक्युलर परिवार के तौर पर देखते हैं, और हमें यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि क्यों.”

जायद खान की मां का क्यों हिंदू रीति-रिवाजों से हुआ था अंतिम संस्कार?
उन्होंने अपनी माँ की आखिरी इच्छा का खुलासा करते हुए उस दिन को याद किया, जब वह एक ‘प्यारी सी नदी’ के किनारे बैठी थीं, और “उनके मन में बस ये ख्याल आया कि अगर मैं कभी चली जाऊं, तो मैं चाहती हूं कि मेरी अस्थियां इसी नदी में प्रवाहित हों. मैं आज़ाद होना चाहती हूं.”

ज़ायद ने कहा, “तुम्हारी मां की जो भी आखिरी इच्छा होगी, वो पूरी होगी. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि दूसरे लोग क्या कहते हैं, इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि वे कितने नफ़रत भरे हो सकते हैं. मैं उन्हें दोष नहीं देता, हालात ऐसे हैं, बदकिस्मती से. उन हालातों को बदलने में वक़्त लगेगा.”

 

ज़रीन खान का निधन
पिछले साल 7 नवंबर को, ज़ायेद खान और सुज़ैन खान की मां, ज़रीन खान का मुंबई में निधन हो गया था. ज़रीन का निधन 81 साल की उम्र में हुआ था. वे, उम्र से जुड़ी बीमारियां झेल रही थीं. पारसी मूल की होने के बावजूद, उनके बेटे ज़ायद ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया था. ज़रीन ने देव आनंद के साथ हिंदी फ़िल्म ‘तेरे घर के सामने’ (1963) में काम किया थाय 1960 के दशक में उनकी मुलाक़ात अभिनेता संजय ख़ान से हुई और 1966 में दोनों ने शादी कर ली थी. ज़रीन के परिवार में उनके पति संजय और उनके बच्चे—बेटे ज़ायेद और बेटियां सुज़ैन, फ़राह और सिमोन अरोड़ा शामिल हैंय ज़रीन और संजय ने पिछले साल अप्रैल में अपनी शादी की 59वीं सालगिरह मनाई थी.

 



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