इंसानों के लिए खरीद ली जानवरों वाली सिरिंज, नोएडा के जिला अस्पताल में गजब की लापरवाही


Noida News: नोएडा के जिला अस्पताल में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां इंसानों के इलाज के लिए ऐसी सिरिंज मंगवा ली गईं, जो असल में जानवरों के इलाज के लिए उपयोग में लाई जाती हैं. अस्पताल में रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सिरिंज की जरूरत को देखते हुए सरकारी प्रक्रिया के तहत खरीद की गई थी, लेकिन जब सप्लाई अस्पताल पहुंची और स्टाफ ने उसकी जांच की, तो पता चला कि ये सिरिंज वेटरनरी यूज यानी पशुओं के लिए हैं.
इस घटना ने सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा किया है कि आखिर इतनी गंभीर चूक कैसे हो गई. सरकारी अस्पतालों में मेडिकल उपकरणों की खरीद एक तय प्रक्रिया के तहत होती है, जिसमें कई स्तर पर जांच और सत्यापन शामिल होता है.
कैसे हुई इतनी बड़ी लापरवाही?
यह खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के जरिए की गई थी. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि या तो ऑर्डर देते समय गलत प्रोडक्ट का चयन हुआ या फिर सप्लाई एजेंसी ने गलत सामान भेज दिया. इसके अलावा स्टाफ वेरिफिकेशन के दौरान भी लापरवाही की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. अगर सभी स्तरों पर सही तरीके से जांच होती, तो यह गलती पहले ही पकड़ में आ सकती थी.
वहीं, अस्पताल के कर्मचारियों की सतर्कता से इस मामले का खुलासा हो पाया. पैकेट पर For Animal Use Only लिखा देख स्टाफ को शक हुआ, जिसके बाद जांच में पूरा मामला सामने आया. अगर यह गलती पकड़ में नहीं आती, तो मरीजों के इलाज में इन सिरिंज का इस्तेमाल हो सकता था, जिससे संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता था.
क्या बोले चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट?
अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट (CMS) अजय राणा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन ने निर्धारित मानकों के अनुसार ही ऑर्डर दिया था. उनके अनुसार, सप्लाई एजेंसी की ओर से गलत सामान भेजा गया है. जैसे ही मामला सामने आया, तुरंत उस स्टॉक को अलग कर दिया गया और उसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई.
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए खरीद प्रक्रिया को और सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
जिला अस्पताल जैसे संस्थान में इस तरह की घटना सामने आना चिंता का विषय है. यह केवल एक गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करती है. फिलहाल इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है. आगे की निगरानी के लिए स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं.
हालांकि, अभी तक इन सिरिंज के पैकेट को इस्तेमाल के लिए नहीं खोला गया था, सिर्फ स्टाफ की टीम ने जांच के लिए एक बॉक्स को डॉक्टरों की निगरानी में खोला था.



