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अमेरिका का बड़ा नुकसान करेगा चीन! बनाया इनविजिबल हंटर, जानें रूस के साइनस-7 से कितना पावरफुल

हथियारों की दुनिया में चीन ने अपने कारनामे से अमेरिका-यूरोप समेत पूरी दुनिया को चौंका दिया है. चीन ने ऐसा हथियार विकसित करने का दावा किया है, जो बिना बारूद, बम-गोलों के टारगेट को ध्‍वस्‍त कर देगा. चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक ये हथियार इतना पावरफुल है कि स्‍पेस में तैनात सेटेलाइट को खाक में मिला सकता है. इसे स्‍टारलिंक किलर भी कहा जा रहा है, जो एलन मस्‍क की सैटेलाइट को डि-लिंक कर सकता है. 

चीन का इनविजिबल हंटर
चीन ने हाई-पावर माइक्रोवेव (HPM) हथियार विकसित किया है, जिसे वैज्ञानिक इनविजिबल हंटर करार दे रहे हैं. चीनी मीडिया और रिसर्च पेपर्स के मुताबिक यह सिस्‍टम एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारलिंक सैटेलाइट नेटवर्क को बिना एंटी-सैटेलाइट मिसाइलों के ही डि-लिंक कर सकता है. इसे 20 गीगावॉट तक की शक्ति देने वाला कॉम्पैक्ट ड्राइवर बताया जा रहा है, जो जमीन, समुद्र, हवा या अंतरिक्ष किसी भी प्लेटफॉर्म से तैनात किया जा सकता है. 

यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है और बीजिंग को आशंका है कि किसी संभावित संकट की स्थिति में स्टारलिंक अमेरिका और उसके सहयोगियों को कम्युनिकेशन, निगरानी और टारगेट पर हमले को लेकर बढ़त दिला सकता है. रूस-यूक्रेन युद्ध में स्टारलिंक की भूमिका ने भी सैन्य रणनीतिकारों का ध्यान खींचा है. फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के तुरंत बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति की अपील पर एलन मस्क ने स्टारलिंक सेवा एक्टिव की, जिससे यूक्रेन को वॉर-टाइम कम्‍यून‍िकेशन सिस्‍टम में बड़ा लाभ मिला. 

रूस के साइनस-7 से कितना पावरफुल
यूरेशियन टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के शीआन स्थित नॉर्थवेस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी (NINT) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने TPG1000Cs नामक ड्राइवर विकसित करने का दावा किया है, जिसे दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट हाई-पावर माइक्रोवेव ड्राइवर बताया जा रहा है. रिसर्चर्स के मुताबिक ये इक्विपमेंट एक मिनट तक 20 गीगावॉट तक की शक्ति दे सकता है और एक सेशन में 3000 तक हाई-एनर्जी पल्स पैदा करने में सक्षम है.

रूस की साइनस-7 (Sinus-7) सिस्‍टम का वजन करीब 10 टन बताया गया था, जो केवल 1 सेकंड तक काम कर पाता था और प्रति बर्स्ट लगभग 100 पल्स देता था. वहीं TPG1000Cs की लंबाई करीब 4 मीटर और वजन लगभग 5 टन बताया गया है और इसे ट्रक, युद्धपोत, विमान या सैटेलाइट प्लेटफॉर्म पर भी लगाया जा सकता है. NINT की टीम का कहना है कि इस सिस्टम ने अब तक 2 लाख से अधिक ऑपरेशनल पल्स जमा किए हैं, जिससे इसकी विश्वसनीयता सिद्ध होती है और मल्‍टी-प्लेटफॉर्म डिप्‍लॉयमेंट का रास्ता खुलता है.

स्टारलिंक-किलर हथियार बना रहा चीन
चीनी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर TPG1000Cs जैसे सिस्टम को स्पेस में तैनात किया गया तो इसके ना दिखाई देने वाले हमले और भी घातक होंगे. माइक्रोवेव हथियारों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि वे पारंपरिक हथियारों की तरह मलबा पैदा नहीं करते और अक्सर बिना किसी विजिबलिटी के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को डी-लिंक कर देते हैं. 

TPG1000Cs का विकास चीन की उस रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसके तहत बीजिंग स्टारलिंक-किलर हथियारों का निर्माण कर रहा है. चीनी सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि शांति काल में स्टारलिंक जैसे नेटवर्क का इस्तेमाल निगरानी और टोही के लिए किया जा सकता है, जबकि जंग के हालात में ये चीन की महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक परिसंपत्तियों को बचाने में मददगार साबित हो सकता है. 

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