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पेट-पीठ और चेहरे पर लिपिस्टिक, बिन कपड़ों के डांस… शिवा शर्मा को ऐसे टॉर्चर करती थी श्रद्धा दुबे, पूछताछ में खोले काले राज

पेट-पीठ और चेहरे पर लिपिस्टिक, बिन कपड़ों के डांस… शिवा शर्मा को ऐसे टॉर्चर करती थी श्रद्धा दुबे, पूछताछ में खोले काले राज

श्रद्धा दुबे और शिवा शर्मा

लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य हत्यारोपी श्रद्धा दुबे ने बड़ा खुलासा किया है. कोर्ट में पेशी से ठीक पहले पुलिस की पूछताछ में श्रद्धा ने शव पर मिले लिपिस्टिक के निशान और अंडरवीयर के रहस्य का खुलासा किया है. उसने बताया कि घटना के दिन वह शिवा शर्मा से न्यूड डांस करा रही थी. इसके लिए उसके कपड़े उतरवा दिए थे. पेट, पीठ और चेहरे पर लिपिस्टिक लगाया था. फिर डंडे की जोर पर उसे डांस के लिए मजबूर किया.

घटना के वक्त मौके पर उसकी बहन रश्मि दुबे, ड्राइवर दानिश और एक्स बॉयफ्रेंड आमिर भी मौजद थे. श्रद्धा दुबे ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि शिवा शर्मा से इस तरह का डांस उसने पहली बार नहीं, बल्कि पहले भी कई बार या कहें अक्सर कराती थी. श्रद्धा ने कबूल किया कि इस बेइज्जती से बचने के लिए शिवा शर्मा उसके सामने पहले खूब गिड़गिड़ाया और फिर उसने फ्लैट की बॉलकनी से कूद कर अपनी जान दे दी.

13 नवंबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उसे कोर्ट में पेश किया. जहां से उसे फिर 13 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. श्रद्धा दुबे के साथ ही उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर दानिश की भी न्यायिक हिरासत 13 नवंबर तक के लिए बढ़ाई गई है. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में श्रद्धा दुबे ने शिवा शर्मा हत्याकांड के कई राज उजागर किए हैं. हालांकि अभी भी कई रहस्यों से पर्दा उठना बाकी है. इसके लिए पुलिस जल्द ही दोबारा पूछताछ करेगी.

अलग-अलग हुई पूछताछ

पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीनों आरोपियों से पहले अलग अलग पूछताछ की गई. इसमें तीनों ने कई विरोधाभाषी बयान दिए हैं. फिर तीनों को एक साथ बैठाकर भी पूछताछ की गई. इस दौरान पुलिस ने विरोधाभाषी बयानों को क्रास करने की कोशिश की. इस पूछताछ में पता चला है कि श्रद्धा दुबे ने वास्तव में शिवा शर्मा का इस्तेमाल कर रही थी. उसने शिवा पर इस कदर दबाव बना रखा था कि वह रोज श्रद्धा दुबे के पैर तक दबाता था. श्रद्धा ने इस तरह के कई वीडियो भी बनाकर रखे थे और यही वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करती थी.

कई चेहरों को बेनकाब कर सकती है पेनड्राइव

श्रद्धा दुबे ने पुलिस की पूछताछ में एक पेनड्राइव का जिक्र किया है. बताया कि इस पेनड्राइव में कई सफेदपोश लोगों और अफसरों का काला चिट्ठा है, जो उसके पास आते थे. श्रद्धा इस पेनड्राइव में सुरक्षित मटेरियल का इस्तेमाल इन सफेदपोश लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए करती थी. पूछताछ में उसने ‘सर जी’ का भी जिक्र किया, कहा कि उनके जरिए उसने हजरतगंज थाने में एक एफआईआर भी कराई थी.

कोर्ट से मांगी व्यक्तिगत हाजिरी की मांग

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीजीएम कोर्ट में पेश हुई श्रद्धा ने कोर्ट में व्यक्तिगत हाजिरी की अनुमति मांगी. हालांकि सीजेएम ने इसकी वजह पूछी तो वह चुप रह गई. ऐसे में कोर्ट ने कहा कि यदि जरूरी हुआ तो उसे कोर्ट में बुलाकर भी पेशी और सुनवाई कराई जाएगी. इसके बाद श्रद्धा ने कुछ नहीं कहा और सुनवाई पूरी हो गई.

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है.

कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है.

सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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