भारत

US हमले में 3 भारतीयों की मौत पर ट्रंप के सामने PM मोदी की दो टूक, जी-7 के मंच से दुनिया को दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (16 जून, 2026) को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 देशों के नेताओं की बैठक को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया और दुनिया को संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें.

उन्होंने कहा कि भारत का दृढ विश्वास है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है. 

बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने क्या कहा?

जी-7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो टूक कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं. इस संघर्ष से पश्चिम एशिया में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मैरिटाइम ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है. भारत के कई नागरिकों को जान गंवानी पड़ी.’

उन्होंने कहा, ‘ग्लोबल मैरिटाइम ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना डर के अपना कार्य कर सकें.’ 

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक इंटर-कनेक्टेड और इंटर-डिपेंडेंट- PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज का विश्व पहले से कहीं अधिक इंटर-कनेक्टेड और इंटर-डिपेंडेंट है. किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि सिर्फ उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती. मोबिलिटी, डेटा, कैपिटल और तकनीक, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में साझेदारियों का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है, लेकिन साझेदारियां तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो. आज सबसे महत्वपूर्ण स्ट्रैटजिक ऐसेट कोई मिनरल, तकनीक या मार्केट नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘विश्वास की तकनीक और सप्लाई चेन्स को हथियार के रूप में नहीं, वैश्विक भलाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. विश्वास की विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे. विश्वास की वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे.’ 

कोविड ने हमें आईना दिखाया- PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुजरना पड़ा. अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की. इन व्यवस्थाओं का आधार भी भरोसा ही था, लेकिन अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुंच रही है. कोविड ने हमें आईना दिखाया कि भरोसा और एकजुटता के दावे कितने खोखले थे.

उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था कि Trust but Verify (विश्वास करो, लेकिन सत्यापन भी करो). यह आज के समय में भी प्रासंगिक है. भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप भरोसेमंद नियमों पर आधारित दुनिया का निर्माण करें.’ 

यह भी पढ़ेंः 16 महीने बाद आमने-सामने PM मोदी और ट्रंप, महाबैठक पर टिकी दुनिया की नजरें, फोकस में रहेगा ये एजेंडा



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