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UP में SIR: वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के 128 दावे पेश, सियासी दलों में BJP सबसे आगे

UP में SIR: वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के 128 दावे पेश, सियासी दलों में BJP सबसे आगे

यूपी में एसआईआर.

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मसौदा सूची जारी होने के अगले दिन बुधवार को मतदाता सूची में वोटरों के नाम शामिल करने के 128 दावे प्रस्तुत किये. सबसे ज्यादा दावे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पेश किये. एसआईआर के बाद मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी की गई थी और इसके बाद सूची में छूट गए पात्र नागरिकों के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की मोहलत दी गयी है.

सीईओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मतदाता सूची में नाम शामिल करने के सबसे ज्यादा 105 दावे बीजेपी ने पेश किये हैं. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी ने 17 और समाजवादी पार्टी ने छह दावे प्रस्तुत किए हैं. इस दौरान किसी भी पार्टी ने नाम हटाने के लिए कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई.

छह मार्च को प्रकाशित की जाएगी मतदाता सूची

एसआईआर की प्रक्रिया में राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त कुल पांच लाख 76 हजार 611 बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) शामिल थे. अधिकारियों के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की मियाद आगामी फरवरी तक है जबकि एसआईआर पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची छह मार्च को प्रकाशित की जाएगी.

राजनीतिक पार्टियों के बूथ लेवेल एजेंट्स की संख्या

दरअसल उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक पार्टियों के कुल BLAs (बूथ लेवेल एजेंट्स) की संख्या 5 लाख 76 हजार 611 है. इसमें बीजेपी के सबसे ज्यादा बूथ एजेंट्स सक्रिय हैं, जिन्होंने पहले ही दिन 105 फॉर्म चुनाव आयोग तक पहुंचाए. चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में बसपा के 1,53,469 एजेंट्स हैं, जिन्होंने पहले दिन 17 दावे/आपत्ती की.

इन पार्टियों ने नहीं किया क्लेम

वहीं UP में समाजवादी पार्टी के बूथ लेवेल एजेंट्स की संख्या 156971 है. पहले दिन समाजवादी पार्टी ने 6 आपत्तियां/दावे दर्ज कराए. कांग्रेस के 94,591, आम आदमी पार्टी के 5262 और अपना दल (S) के 5397 बूथ एजेंट्स हैं, लेकिन पहले दिन कोई दावा या आपत्ति दर्ज नहीं नहीं कराई गई. ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए फिलहाल किसी भी पार्टी के तरफ से कोई क्लेम नहीं किया गया है.

दो करोड़ से ज्यादा नाम हटे

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा के कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, छह जनवरी से सात जनवरी शाम पांच बजे तक मिले दावों और आपत्तियों को शामिल किया गया है. मंगलवार छह जनवरी को जारी मसौदा मतदाता सूची में साढ़े 12 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम रखे गए हैं. मृत्यु होने, दूसरे स्थानों पर जा बसने या दो जगह नामांकन जैसे कारणों की वजह से सूची से लगभग दो करोड़ 89 लाख नाम हटा दिए गए हैं.

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