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PDA नहीं, परिवार-दल-विशेष वोटबैंक की राजनीति करती है सपा, BJP का अखिलेश पर तीखा हमला

PDA नहीं, परिवार-दल-विशेष वोटबैंक की राजनीति करती है सपा, BJP का अखिलेश पर तीखा हमला

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव.

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए ऑडिट पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई एक लंबी पोस्ट में, उन्होंने अखिलेश यादव पर जाति-आधारित राजनीति, परिवारवाद और भर्ती घोटालों के संबंध में कई गंभीर आरोप लगाए. पंकज चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव अपने 20122017 के कार्यकाल के कारनामों को केवल बड़े-बड़े अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल करके नहीं छिपा सकते.

उन्होंने SP प्रमुख को ललकारा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे अपने कार्यकाल के दौरान हुई “भर्ती और परिवारवाद के ऑडिट” को सार्वजनिक करें. BJP प्रदेश अध्यक्ष ने अखिलेश यादव के इस दावे को कि वे 90 दिनों के भीतर जाति जनगणना करवा देंगे, संवैधानिक अज्ञानता और सरासर झूठ करार दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि 2012 से 2017 के बीच, जब SP उत्तर प्रदेश में सत्ता में थी और साथ ही केंद्र में UPA सरकार को समर्थन दे रही थी, तब जाति जनगणना की मांग क्यों नहीं उठाई गई?

पर्ची-खर्ची मॉडल” के आरोप

पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल के दौरान, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग असल में एक जाति-विशेष सेवा आयोग में बदल गया था, जहां नौकरियां योग्यता के बजाय पर्ची और खर्ची (पक्षपात और रिश्वत) के आधार पर बांटी जाती थीं. उन्होंने कहा कि मौजूदा डबल इंजन सरकार के तहत, 900,000 से ज्यादा सरकारी नौकरियां एक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से दी गई हैं, जिसमें आरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन किया गया है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में पदों पर नियुक्तियां पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार और योग्यता के आधार पर की जाती हैं. पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि SP के शासनकाल में, योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर दिया गया था, और पदों को इसके बजाय राजनीतिक चहेतों को सौंप दिया गया था.

SP का PDA बनाम BJP का PDA

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 69,000 शिक्षक भर्ती मामले से जुड़ी कानूनी पेचीदगियां सपा सरकार द्वारा लागू की गई दोषपूर्ण नीतियों का सीधा परिणाम हैं. यह मामला अभी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है, और BJP सरकार समाज के सभी वर्गों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.

SP के PDA की एक नई व्याख्या करते हुए, पंकज चौधरी ने कहा कि SP का PDA सिर्फ परिवार, दल और एक खास वोटबैंक तक ही सीमित है, जबकि BJP का PDA समाज के सबसे निचले पायदान पर मौजूद गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए काम करता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि PM आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और फ्री राशन जैसी योजनाओं से पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को सबसे ज़्यादा फायदा हुआ है. इसके अलावा, गैर-यादव OBC और गैर-जाटव दलितों को पार्टी संगठन और सरकार, दोनों में ही उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है.

हर गांव तक पहुंचने की चुनौती

अखिलेश यादव को हर गांव जाकर PDA ऑडिट करने की चुनौती देते हुए, पंकज चौधरी ने कहा कि वहां के युवा उनसे 201217 के दौरान किए गए भर्ती अभियानों और नौकरियों के वादों के बारे में जरूर सवाल पूछेंगे. उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश अब जातिवाद, तुष्टीकरण और दंगों के दौर से आगे निकल चुका है, और अब विकास और सुशासन की राजनीति को अपना चुका है.

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. 2014 में पत्रकारिता की शुरुआत Zee Media से हुई. दिल्ली में रिपोर्टिंग की. 2018 में ETV भारत के नेशनल ब्यूरो में बतौर रिपोर्टर जॉइन किया. इस दौरान संघ (RSS-VHP), शिक्षा, कृषि, पर्यटन के साथ किसान और मजदूरों के मुद्दों पर रिपोर्टिंग की. 2022 में TV9 भारतवर्ष जॉइन किया और दिल्ली ब्यूरो का हिस्सा रहे. इस दौरान उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान,महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में कई बड़ी खबरों और इवेंट्स कवर करने का अवसर मिला. 2025 में लखनऊ ब्यूरो की जिम्मेदारी के साथ दिल्ली से लखनऊ भेजा गया. 17 साल दिल्ली में रहने के बाद अब कर्मस्थली यूपी की राजधानी है. अब उत्तर प्रदेश की राजनीति, सरकार और जनता से जुड़े मुद्दों की रिपोर्ट जनता तक पहुंचाते हैं.

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