उत्तर प्रदेशभारत

हाईवे पर भरा पानी, बिजनौर का मेरठ-मुजफ्फरनगर से सीधा संपर्क टूटा… डायवर्जन से 125 KM घूमकर जाने पर मजबूर लोग

हाईवे पर भरा पानी, बिजनौर का मेरठ-मुजफ्फरनगर से सीधा संपर्क टूटा... डायवर्जन से 125 KM घूमकर जाने पर मजबूर लोग

बिजनौर का मेरठ और मुजफ्फरनगर से सीधा सड़क संपर्क टूटा

निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-34 (NH-34) पर भारी जलभराव और सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण बिजनौर का मेरठ और मुजफ्फरनगर से सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है. मुजफ्फरनगर जनपद के मीरापुर क्षेत्र के देवल गांव के पास सर्विस रोड पर करीब तीन से चार फीट तक पानी भर गया है.

इससे प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. इसके चलते दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर जाने वाले वाहनों को लगभग 125 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्गों से होकर निकाला जा रहा है.

हाईवे बना समंदर, वाहनों की कतारें

पिछले दो दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते एनएच-34 पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. देवल गांव में हाईवे निर्माणाधीन होने के कारण वन निगम डिपो के सामने की चट्टान से भारी मात्रा में कच्ची मिट्टी बहकर सड़क पर आ गई है.

इसके साथ ही सर्विस रोड पर चार फीट से अधिक पानी भर जाने की वजह से गुरुवार दोपहर से ही बिजनौर गंगा बैराज से लेकर मीरापुर तक वाहनों का कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था. हादसों की आशंका को देखते हुए बिजनौर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रूट को पूरी तरह डायवर्ट कर दिया है.

125 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करने को मजबूर हुए लोग

यातायात पुलिस बिजनौर के निर्देशानुसार, बिजनौर से मेरठ, मुजफ्फरनगर, दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की ओर जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों को अब चांदपुर-धनौरा-गजरौला मार्ग से होकर भेजा जा रहा है. कुछ वाहनों को अमरोहा और चांदपुर के दतियाना पुल से हस्तिनापुर होते हुए निकाला जा रहा है.

इस डायवर्जन के कारण वाहन चालकों को करीब 125 किलोमीटर से अधिक दूरी का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ रहा है.

एनएचएआई (NHAI) के एसडीओ आशीष शर्मा के अनुसार, हाईवे का निर्माण कार्य फिलहाल जारी है. बारिश के अत्यधिक पानी के कारण किनारों पर डाली गई कच्ची मिट्टी बहकर सड़क पर आ गई है, जिसे दुरुस्त करने और किनारों को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया गया है.

अमित रस्तोगी

अमित रस्तोगी

अमित रस्तोगी पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी पहचान वाइल्डलाइफ, एग्रोफोरेस्ट्री, हॉटिकल्चर, एनिमल हसबेंडरी फील्ड की विशेषज्ञता साथ-साथ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर की जाती है. उन्होंने मांस के लिए ऊंट, गाय, बैलों, गधों और खच्चरों की तस्करी, स्लाटरिंग के खूनी कारोबार का पर्दाफाश किया है.

उन्हें अपने काम के लिए कई सम्मान भी मिले हैं. अमित रस्तोगी ने एमआईटी कालेज औरंगाबाद से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. इसके बाद फिल्म एंव टेलीविजन संस्थान नई दिल्ली से प्रशिक्षण प्राप्त कर 2 वर्ष दूरदर्शन और 19 वर्षो तक इंडिया टीवी के लिये बतौर रिपोर्टर काम कर चुके हैं. वर्तमान में टीवी 9 नेटवर्क से जुड़े हैं.

Read More

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button