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योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अब यूपी में भी एनालॉग पनीर समेत क्रीम, घी पर लगा बैन

योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अब यूपी में भी एनालॉग पनीर समेत क्रीम, घी पर लगा बैन

योगी सरकार ने बैन किया एनालॉग पनीरImage Credit source: Pixabay/PTI

उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है. योगी सरकार ने एनालॉग पनीर, क्रीम, घी, छेना, खोवा पर बैन लगा दिया है. आदेश में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दूध और दुग्ध उत्पादों को उनके असली रूप में बेचा जाना चाहिए. दरअसल, दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की शिकायतों के बाद सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है. निरीक्षण में दूध उत्पादों के सैंपल में अपमिश्रकों की पुष्टि हुई है.

सरकार का कहना है कि मिलावटी उत्पाद मिले तो पूरी यूनिट पर कार्रवाई की जाएगी. मिलावटी दूध या दुग्ध उत्पाद मिलने पर पूरी निर्माण इकाई के उत्पाद जब्त होंगे और जनस्वास्थ्य को खतरा मिलने पर निर्माण इकाई को तत्काल बंद कराया जाएगा. सरकार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 34 के तहत तत्काल प्रतिबंध आदेश जारी होगा और खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ FIR दर्ज होगी. इसके अलावा ब्रांड पर भी बड़ी कार्रवाई होगी.

मिलावट मिली तो कंपनी पर भी लगेगा प्रतिबंध

यूपी सरकार ने सख्त चेतावनी दी कि मिलावटी उत्पाद बनाने वाली कंपनी/ब्रांड की बिक्री पर पूरे यूपी में प्रतिबंध लगेगा. आदेश में साफ-साफ कहा गया है कि परीक्षण में राज्य के बाहर निर्मित डेयरी उत्पादों में हानिकारक रसायनों या वनस्पति वसा की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो अधिकारी उस ब्रांड को उत्तर प्रदेश में कहीं भी बेचने पर प्रतिबंध लगा देंगे. इसके अलावा संबंधित ब्रांड का खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण भी तत्काल निलंबित होगा.

डेयरी प्रोडक्ट्स में हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल का मामला

अधिकारियों ने कई जिलों में दूध और डेयरी उत्पादों में विभिन्न मिलावटें पाई जाने की सूचना दी है. इनमें वनस्पति वसा, सोयाबीन और सोया-आधारित उत्पाद, टैल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, तरल ग्लूकोज, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और विभिन्न न्यूट्रलाइजर शामिल हैं. आदेश के अनुसार, ऐसे मिलावटी पदार्थों से दूध और दुग्ध उत्पादों का उत्पादन उपभोक्ताओं के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त पर इन पदार्थों के उपयोग पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी डाली गई है.

इन राज्यों में भी एनालॉग पनीर पर लगा है प्रतिबंध

हालांकि एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने वाला उत्तर प्रदेश इकलौता राज्य नहीं है बल्कि उससे पहले उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित कई अन्य राज्यों ने भी वनस्पति वसा से बने डेयरी विकल्पों (एनालॉग पनीर) के खिलाफ इसी तरह के कदम उठाए हैं और प्रतिबंध लगाया है.

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पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी को पत्रकारतिा के क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. देश और उत्तरप्रदेश की राजनीति को कवर करते आ रहे हैं. दिल्ली में अमर उजाला और पंजाब केसरी से पत्रकारिता की यात्रा की शुरुआत हुई.  दिल्ली में 2 साल की पत्रकारिता के बाद मिट्टी की खुशबू यूपी खींच लाई और तब से राजधानी लखनऊ में ही पत्रकारिता हो रही है. 2017 में यात्रा को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े. राजनीतिक खबरों में गहरी रुचि और अंदर की खबर को बाहर लाने का हुनर, साथ ही यूपी की ब्यूरोकेसी में खास पकड़.  पत्रकारिता का फलसफा खबरों को खबर के रूप में ही जनता तक पहुंचाना.

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