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पूर्वांचल में मुख्तार-बृजेश के बाद धनंजय-अभय में टकराव, कैसे दो करीबी बन गए जानी दुश्मन?

पूर्वांचल में मुख्तार-बृजेश के बाद धनंजय-अभय में टकराव, कैसे दो करीबी बन गए जानी दुश्मन?

विधायक अभय सिंह और पूर्व सांसद धनंजय सिंह.

पूर्वांचल में मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह की अदावत लंबे समय तक सुर्खियों में रही है. इसी बीच समय-समय पर नए चेहरे भी उभरते रहे, जिनमें पूर्व सांसद धनंजय सिंह और सपा के बागी विधायक अभय सिंह की जोड़ी भी शामिल रही है. बताया जाता है कि कभी करीबी रहे इन दोनों नेताओं के बीच 4 अक्टूबर 2002 को वाराणसी के टकसाल सिनेमा के सामने हुए शूटआउट के बाद खुली दुश्मनी सामने आई.

करीब दो दशक बाद इस मामले में विधायक अभय सिंह, एमएलसी विनीत सिंह समेत सभी आरोपी कोर्ट से बरी हो चुके हैं, लेकिन इस फैसले ने एक बार फिर पूर्वांचल में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है. इस चर्चा को बल इसलिए भी मिल रहा है कि मुख्तार अंसारी तो अब रहे नहीं, बृजेश सिंह भी अपने आप को काफी समेट चुके हैं. साथ ही मौजूदा चर्चाओं में बृजेश सिंह और धनंजय सिंह की नजदीकियां और अभय सिंह को विनीत सिंह का समर्थन प्रमुख रूप से सामने आ रहा है.

धनंजय और अभय नए बाहुबली?

वहीं पूर्वांचल के वरिष्ठ वरिष्ठ पत्रकार पवन सिंह का मानना है कि 2002 में ही अभय और धनंजय की अदावत खुल कर सामने आ गई थी. धनंजय और अभय को नए बाहुबली कहना सही नहीं होगा. उनके अनुसार, दोनों की पहचान सिर्फ आपराधिक पृष्ठभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि वे व्यवसाय और राजनीति में भी सक्रिय हैं. अभय सिंह का मुख्य प्रभाव क्षेत्र लखनऊ-फैजाबाद माना जाता है, इसलिए उन्हें पूरी तरह पूर्वांचल से जोड़ना उचित नहीं है. इतना जरूर है कि लखनऊ विश्वविद्यालय से अभय और धनंजय के बीच की अदावत का असर थोड़ा बहुत पूर्वांचल में भी दिखाई दिया है.

अभय सिंह ने धनंजय पर दी तीखी प्रतिक्रिया

कोर्ट के फैसले के बाद टीवी9 से बात करते हुए अभय सिंह ने धनंजय सिंह पर तीखी प्रतिक्रिया दी. धनंजय सिंह से संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी कभी भी जय-बीरु वाली जोड़ी नहीं थी. उन्होंने धनंजय को आपराधिक प्रवृत्ति वाला व्यक्ति बता दिया. अभय ने कहा कि इसी वजह से दोनों के रिश्तों में दरार आई. आज भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आता. वहीं, एमएलसी विनीत सिंह ने कहा कि वह खुद चाहते हैं कि दोनों दुश्मनी खत्म कर एक हो जाएं.

क्या पूर्वांचल में नए गुट बन रहे?

इन सबके बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या पूर्वांचल में नए गुट बन रहे हैं. एक ओर धनंजय-बृजेश और दूसरी ओर अभय-विनीत. हालांकि, जानकारों का कहना है कि तस्वीर इतनी सीधी नहीं है. सभी नेताओं के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं. विश्लेषकों के मुताबिक, धनंजय सिंह 2009 के बाद चुनावी सफलता नहीं मिलने के कारण नए राजनीतिक समीकरण तलाश रहे हैं, जबकि अभय सिंह सपा से अलग होने के बाद बीजेपी से संभावनाएं देख रहे हैं.

विनीत और धनंजय सिंह में करीबी

वहीं, विनीत सिंह और धनंजय सिंह के बीच भी रिश्ते पूरी तरह कटे हुए नहीं हैं. पारिवारिक आयोजनों में उनकी मौजूदगी इसका संकेत देती है. विनीत सिंह की माता जी की तेरहवीं में धनंजय सिंह पहुंचे थे. धनंजय की पत्नी श्रीकला रेड्डी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने में विनीत सिंह की भूमिका भी रही है. ऐसी चर्चा तब लगातार हो रही थी. इसलिए थोड़ा नरम गरम तो है, लेकिन ये सभी एक दूसरे से कनेक्टेड हैं.

अमित कुमार सिंह

अमित कुमार सिंह

पिछले 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय, 2008 सितम्बर में नई दुनियां अख़बार दिल्ली से पत्रकारिता शुरू की. अप्रैल 2009 में ज़ी मीडिया जॉइन किया. दिसंबर 2018 तक ज़ी मीडिया में बतौर ब्यूरो चीफ बनारस रहा. जनवरी 2019 से जनतंत्र टीवी में गए और 2021 तक जिम्मेदारी निभाई.

रोमिंग जर्नलिस्ट के तौर पर जनतंत्र टीवी के लिए स्पेशल करेस्पोंडेंट की हैसियत से दिल्ली, बिहार-झारखंड और लखनऊ में अपनी सेवाएं दीं. टीवी 9 यूपी का हिस्सा बनने से पहले न्यूज़ नेशन गोरखपुर में बतौर ब्यूरो चीफ़ की भूमिका में रहे. फिलहाल टीवी 9 यूपी (डिजिटल) के लिए बनारस से सेवाएं दे रहे हैं.

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