‘गलतफहमी में दुश्मन, हर हमले का मजबूती से जवाब देगा ईरान’, माफी मांगने के बाद पेजेशकियान का यू-टर्न

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को एक हफ्ते से ज्यादा हो गया है. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि उनके खाड़ी देशों पर हमले रोकने और माफी से जुड़े बयानों को गलत मतलब निकाला गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने ऊपर हमला करने वालों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और ताकत से जवाब देगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि उनके दबाव में ईरान ने अपने पड़ोसियों से माफी मांगी है और उनसे हर गया है. इस पर पेजेशकियान ने कहा कि उनके बयानों को दुश्मन ने गलत समझा, जो पड़ोसियों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने दोहराया कि ईरान अपने मित्र पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है. पेजेशकियान ने कहा, ‘ईरान को अन्य देशों से होने वाले हमलों का जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ता है, लेकिन इस जवाबी कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि उन देशों के साथ कोई विवाद है.’
उन्होंने कहा, ‘ईरान अपने ऊपर हमला करने वालों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और पूरी ताकत से जवाब देगा. तमाम समस्याओं के बावजूद हम किसी भी राजनीतिक दल या गुट की परवाह किए बिना अपनी पूरी ताकत से दुश्मन के खिलाफ एकजुट होकर खड़े रहेंगे. हम उन्हें अपनी जमीन का एक इंच भी कब्जा नहीं करने देंगे. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान रुकने वाला नहीं है और जिस भी स्थान से उस पर हमले किए जाएंगे, वह उन पर जवाबी हमला करेगा.
सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने कहा, ‘अमेरिकियों और इजरायलियों द्वारा घोषित लक्ष्य वास्तविक नहीं हैं. उनका असली उद्देश्य ईरान को एक राष्ट्र के रूप में तोड़ना और इसीलिए ईरान आत्मरक्षा के अपने अधिकार पर कोई समझौता नहीं करेगा. वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में पाया गया कि ईरान पर अमेरिका के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर हमला भी ईरान की सरकार को गिराने में सफल नहीं होगा. सूत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि इन निष्कर्षों से ट्रंप प्रशासन के इस दावे पर संदेह पैदा होता है कि युद्ध चार से छह सप्ताह के भीतर समाप्त हो सकता है.



