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केशव मौर्य बोले- BJP को ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद थी, सपा वहां जीती जहां उम्मीद न थी

MLC चुनाव: केशव मौर्य बोले- BJP को ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद थी, सपा वहां जीती जहां उम्मीद न थी

केशव प्रसाद मौर्या

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बीजेपी को पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी उतनी सीटें हासिल नहीं कर सकी, जितनी अपेक्षा की गई थी. केशव मौर्य ने कहा कि यह चुनाव उच्च शिक्षित और योग्य मतदाताओं के वोट से होता है… बीजेपी ने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया है, लेकिन पार्टी को ज्यादा सीटें जीतने की उम्मीद थी. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने जिन निर्वाचन क्षेत्रों में अपना खाता खोला है, बीजेपी उन सीटों की भी समीक्षा करेगी.

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कुछ सीटों पर सपा की जीत की उम्मीद नहीं थी, इसके बावजूद पार्टी ने वहां सफलता हासिल की. डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि बीजेपी चुनाव परिणामों का विश्लेषण करेगी और आने वाले चुनावों में दोबारा जीत हासिल करने के लिए काम करेगी. केशव मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में बीजेपी और सपा के प्रदर्शन की तुलना की जा रही है. बीजेपी का कहना है कि उसने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया है, लेकिन ज्यादा सीटें नहीं जीत पाने की समीक्षा की जाएगी.

किस सीट पर बीजेपी आगे या जीती

  1. मेरठ शिक्षक- श्रीचन्द्र शर्मा – जीते
  2. मेरठ स्नातक- दिनेश गोयल – जीते
  3. बरेली स्नातक- हरि सिंह ढिल्लों – जीते
  4. लखनऊ शिक्षक- उमेश द्विवेदी – जीते
  5. आगरा स्नातक- मानवेन्द्र सिंह – जीते
  6. गोरखपुर शिक्षक- ध्रुव त्रिपाठी – आगे

किस सीट पर सपा आगे या जीती

  1. वाराणसी शिक्षक – लाल बिहारी यादव- जीते
  2. वाराणसी स्नातक – आशुतोष सिन्हा – आगे
  3. झांसी स्नातक – मान सिंह यादव – जीते
  4. आगरा शिक्षक – आकाश अग्रवाल – जीते
  5. लखनऊ स्नातक – कांति सिंह – आगे

बीजेपी को नुकसान, सपा को फायदा

हालांकि, आंकड़ों में देखेंगे तो इस चुनाव में बीजेपी 2020 के चुनाव की तरह ही 6 सीटें जीतती दिख रही है, लेकिन अगर पिछली बार के निर्दलीय MLC ध्रुव त्रिपाठी, जो इस बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं… उनको भी जोड़ लें तो बीजेपी को एक सीट का नुकसान होता दिख रहा है. यानी ध्रुव त्रिपाठी के बीजेपी में आने के बाद बीजेपी के पास 7 सीटें हो गई थीं, लेकिन नतीजों के बाद उसे 6 ही सीट मिलती दिख रही है. यह नुकसान लखनऊ स्नातक सीट का है.

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है.

कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है.

सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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