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10 महीने में जुदा हो गए मां-बेटे… सिंगल मदर ने गोद लिया था, लेने आ गए असली मां-बाप; भावुक कर देगी ये कहानी

10 महीने में जुदा हो गए मां-बेटे… सिंगल मदर ने गोद लिया था, लेने आ गए असली मां-बाप; भावुक कर देगी ये कहानी

गाजियाबाद में असली माता-पिता के सामने आने के बाद सिंगल मदर को 10 माह बाद गोद लिया बच्चा लौटना पड़ा. 10 माह तक मासूम को लाड प्यार से रखने वाली इस सिंगल मदर को उसे वक्त गहरा धक्का लगा जब बच्चों के असली माता-पिता सामने आ गए. मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है.

देश की राजधानी दिल्ली के निकट गाजियाबाद कमिश्नरी के विजयनगर थाना क्षेत्र में एक भावनात्मक और उलझा हुआ मामला थाने में सामने आया, जहां एक सिंगल मदर जिसने एक बच्चे को बाल आश्रम से सभी कागजी कार्यवाहियों के बाद गोद लेकर अपनी ममता की छांव दी थी. अब जब उसे इस बच्चे को अपनाए हुए 10 महीने बीत गए थे, लेकिन अचानक गोद लिए बच्चों के असली माता-पिता सामने आ गए और बच्चे को वापस मांगने लगे.

होना डीएनए टेस्ट

मामला थाने तक पहुंचा तो पुलिस ने भी अब कानूनी प्रक्रिया के तहत खुद को बच्चों का असल माता-पिता बताने वालों को डीएनए टेस्ट के बाद सही मायने में माता-पिता के होने का पता चल जाने के बाद उसे परिवार को सौंपने की तैयारी की बात कही.

2024 में बिछड़ गया था बच्चा

जिस महिला ने इस बच्चे को गोद लिया है. यह बच्चा 2024 में अपने माता-पिता से बिछड़ने के बाद विजयनगर इलाके में लोगों को मिला था. जिसे पुलिस को सौंप दिया गया था. पुलिस को बच्चा मिल जाने के बाद पुलिस ने बच्चों के माता-पिता को तलाश ने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी, लेकिन जब पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल सकी तो पुलिस ने बच्चों को बल आश्रम भेज दिया था.

2025 में महिला ने गोद लिया बच्चा

इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद जून 2025 में बाल आश्रम से एक सिंगल मदर ने बच्चे को गोद ले लिया था. गोद लिए जाने के बाद वह महिला उस बच्चों के साथ काफी घुल मिल गई थी, जिसके दौरान उन दोनों के बीच गहरा और भावनात्मक रिश्ता बन गया था. बच्चा भी अपनी नई मां के साथ नई जिंदगी में ढलता जा रहा था.

माता-पिता कर रहे थे बच्चे की तलाश

जिन माता-पिता से बच्चा बिछड़ गया था. वह भी उसकी लगातार तलाश कर रहे थे. काफी तलाश करने के बाद बच्चे के माता-पिता नेपाल चले गए और वहां जाकर भारतीय दूतावास से अपने बच्चों को ढूंढने के लिए मदद मांगी और अक्टूबर 2025 में फिर दोबारा माता-पिता भारत लौटे और फिर विजयनगर थाने पहुंचे जहां पर बच्चों को दोनों ने पहचान का दावा किया. थाने में सबसे भावानात्मक पल उसे समय आया जब बच्चे ने भी अपने पिता को पहचान लिया.

महिला ने कब सौंपा बच्चा?

बच्चों ने जब अपने असल माता-पिता को पहचान लिया तो जिस मां ने उसे बच्चों को गोद लिया था. उसने बच्चे को पुलिस की मौजूदगी में उनके सुपर्द कर दिया इस बच्चे को माता-पिता से बिछड़ने के बाद विजयनगर थाना क्षेत्र के घरौंदा बाल आश्रम के अंदर रखा गया था, जिसके संस्थापक ओंकार सिंह ने बताया की 16 फरवरी को उस महिला ने भारी मन से बच्चे को आश्रम में वापस सौंप दिया था, क्योंकि बच्चा 10 महीने तक उसके साथ रहा था. उसका भी उससे अलग होना बेहद भावनात्मक था क्योंकि उसे महिला ने भी बच्चों के साथ नया जीवन शुरू किया था जो 10 महीने बाद खत्म हो गया.

कानूनी प्रक्रिया के बाद सौंपा जाएगा बच्चा

बच्चे ने भी अपने पिता को पहचान लिया है, लेकिन पुलिस इसके लिए कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने में जुटी है. पिता को सौंपने से पहले बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा क्योंकि यह मामला अंतरराष्ट्रीय और दूसरे देश से जुड़ा है, जिसके कारण नेपाल एंबेसी की मौजूदगी में ही बच्चे को उसके असली पिता को सौप जाएगा. इसका आखिरी फैसला जिला प्रशासन के आदेश के बाद ही हो पाया है.

बच्चों की जांच पड़ताल के लिए कानूनी प्रक्रिया बीते 5 महीना से चल रही थी, जिसमें चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के निर्देश पर बच्चों को दोबारा से बाल आश्रम बुलाया गया था और अब सभी औपचारिकता है पूरी हो जाने के बाद बच्चों के असली माता-पिता को सौंपने की बात कही जा रही है.

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