उत्तर प्रदेशभारत

हिम्मत है तो पैतृक सीट छोड़ गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं… अखिलेश यादव पर स्मृति ईरानी का पलटवार

हिम्मत है तो पैतृक सीट छोड़ गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं... अखिलेश यादव पर स्मृति ईरानी का पलटवार

स्मृति ईरानी और अखिलेश यादव

अखिलेश यादव द्वारा संसद में की गई टिप्पणी पर स्मृति ईरानी ने पलटवार किया है. उन्होंने वाराणसी में अखिलेश को सीधी चुनौती दी. स्मृति ने कहा, हिम्मत है तो अखिलेश यादव अपनी पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं. मैंने कामकाजी महिला होते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हराया है. लोग इसलिए टैक्स नहीं भरते कि सदन में सास-बहू की बातें हों. अखिलेश का यूपी में विपक्ष में रहना सुनिश्चित है.

स्मृति ईरानी ने कहा, पैतृक सीट से चुनाव लड़ना बहुत आसान है. मुझ जैसी महिला ने, जो कामकाजी है उसे किसी और के गढ़ में जाकर परचम गाड़ा है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हराया है. अगर अखिलेश यादव इतनी ही दम खम रखते हैं तो पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से लड़ के दिखाएं. कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना आसान होता है.

अखिलेश यादव ठहाके लगा सकते हैं

उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि उत्तर प्रदेश में उनका विपक्ष में रहना सुनिश्चित है. पैतृक सीट से चुनाव लड़कर, जिनको धरोहर में राजनीति मिली है वो ठहाके लगा सकते हैं लेकिन किसी के गढ़ में जाकर परचम लहराने की उनमें दम मुझे दिखता नहीं है.

अखिलेश यादव ने क्या कहा था?

संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चल रही है. दरअसल अखिलेश यादव ने अपनी बात रखते हुए स्मृति ईरानी पर सास-बहू वाला तंज कसा. उन्होंने यह टिप्पणी 33% सीटों के आरक्षण और महिलाओं के बीच होने वाली प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में की.

इस बयान पर स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा जवाब दिया. उन्होंने लिखा, अच्छा है अखिलेश जी को आज उनकी याद आई. अखिलेश को राजनीति विरासत में मिली है, जबकि उन्होंने अपनी मेहनत से पहचान बनाई है. अखिलेश यादव सीरियल से ध्यान हटाकर संसद के काम पर फोकस करें और महिलाओं को सशक्त बनाने वाले बिलों को पास करवाने में योगदान दें.

VIDEO: संसद में सास-बहू कमेंट पर बवाल: स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव को दिया करारा जवाब

अमित कुमार सिंह

अमित कुमार सिंह

पिछले 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय, 2008 सितम्बर में नई दुनियां अख़बार दिल्ली से पत्रकारिता शुरू की. अप्रैल 2009 में ज़ी मीडिया जॉइन किया. दिसंबर 2018 तक ज़ी मीडिया में बतौर ब्यूरो चीफ बनारस रहा. जनवरी 2019 से जनतंत्र टीवी में गए और 2021 तक जिम्मेदारी निभाई.

रोमिंग जर्नलिस्ट के तौर पर जनतंत्र टीवी के लिए स्पेशल करेस्पोंडेंट की हैसियत से दिल्ली, बिहार-झारखंड और लखनऊ में अपनी सेवाएं दीं. टीवी 9 यूपी का हिस्सा बनने से पहले न्यूज़ नेशन गोरखपुर में बतौर ब्यूरो चीफ़ की भूमिका में रहे. फिलहाल टीवी 9 यूपी (डिजिटल) के लिए बनारस से सेवाएं दे रहे हैं.

Read More

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button