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सपा की पहचान बना अखिलेश यादव का खास गमछा, ऐसे हुआ है तैयार, बाराबंकी के बुनकर ने बताई पूरी कहानी

सपा की पहचान बना अखिलेश यादव का खास गमछा, ऐसे हुआ है तैयार, बाराबंकी के बुनकर ने बताई पूरी कहानी

अखिलेश यादव के गमछे की कहानी

कभी-कभी नेता ही नहीं, उनके पहनावे भी चर्चा का विषय बन जाते हैं. इस समय समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का गमछा उत्तर प्रदेश में समाजवादियों के लिए एक पहचान बन गया है. लाल रंग की टोपी पर लाल और सफेद डिजाइन का यह गमछा बाराबंकी के एक बुनकर ने तैयार किया है. हाजी उसामा अंसारी बाराबंकी के बुनकर मोमिन अंसार एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं. उन्होंने बताया कि एक बार वो अखिलेश यादव के घर गए और वहां उन्होंने अखिलेश यादव को एक गमछा पहनाया.

हाजी उसामा अंसारी ने बताया कि गमछे के कपड़े की क्वालिटी देखकर अखिलेश यादव ने मुझे कहा कि तुम मुझसे मिलने आना. उसके बाद उसामा ने बताया कि अखिलेश यादव ने उन्हें उस खास कपड़े पर गमछा तैयार करने को कहा, क्योंकि उसामा ने पहले जो गमछा तैयार किया था, उसमें हरा बॉर्डर था. फिर अखिलेश यादव ने कहा कि इस हरे बॉर्डर को हटा दो. इसके बाद उसामा ने लाल बॉर्डर के साथ गमछा बनाया.

खास तरह के कपड़े से तैयार होता है ये गमछा

उसामा ने आगे बताया कि अखिलेश यादव के साथ दो या तीन बैठकों के बाद गमछे का डिजाइन फाइनल हुआ. उसके बाद से यह गमछा समाजवादियों की पहचान बन गया है. उसामा का कहना है कि एक खास तरह के कपड़े विस्कोस से यह गमछा तैयार होता है. वैसे उन्होंने कहा कि कई तरह के कपड़ों में यह तैयार होता है, लेकिन जो अखिलेश यादव पहनते हैं, वो यहीं से तैयार होकर जाता है.

लोकसभा चुनाव में चर्चा में था अखिलेश का गमछा

इससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 के समय भी अखिलेश यादव का गमछा चर्चा का विषय बना था. तब अखिलेश ने खुद गमछे के बारे में बड़ा खुलासा किया था. उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव में वो नए लुक में दिखना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने गमछा डालना शुरू किया है. उन्होंने यह भी बताया था कि ये गमछा वाराणसी में बनता है, जिसे वहां के यादव लोग इस्तेमाल करते हैं. अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए ये भी कहा था कि गमछे वाली बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को मत बता देना, नहीं तो वो भी इसे पहनने लगेंगे. उन्होंने गमछे के इस्तेमाल के फायदे भी बताए थे और कहा था कि चुनाव में गमछा बहुत काम आता है, जिससे पसीना भी पोंछ सकते हैं और हाथ भी पोंछ सकते हैं.

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कुमार कुन्दन

कुमार कुन्दन

साल 2004 में “जी न्यूज” से पत्रकारिता की शुरुआत किया। इसके बाद “टोटल टीवी”, “न्यूज24″, ” इंडिया टीवी”, इसके बाद “राजस्थान पत्रिका” अखबार और फिर टीवी 9 भारतवर्ष से जुड़ा.

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