सनातन छोड़ों नहीं तो 10 लाख दो… शादी तय होने के बाद लड़की वालों ने रखी डिमांड, मारपीट भी की

उत्तर प्रदेश के बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक की मां ने आरोप लगाया है कि शादी तय होने के बाद लड़की वालों ने उसके बेटे पर सनातन धर्म छोड़ने का दबाव बनाया. ऐसा न करने पर रिश्ता तोड़ने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई. पीड़ित परिवार ने इस मामले में इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
दरअसल शहर के वीर सावरकर नगर पीएनबी कॉलोनी में रहने वाली सोमवती देवी ने थाने में तहरीर देकर बताया कि वह अनुसूचित जाति से है और सनातन धर्म में आस्था रखती है. उनका बेटा मनोज कुमार एक प्राथमिक स्कूल में शिक्षक है. कुछ समय पहले बदायूं निवासी उनके परिचित ओमकार सिंह ने अपनी बेटी की शादी मनोज से तय की थी. रिश्ता तय होने के बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत भी होती रही और सोमवती ने गोद भराई जैसी रस्में भी पूरी कर दीं. शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इसी बीच लड़के के परिवार को लड़की वालों की तरफ से दबाव महसूस होने लगा.
धर्म बदलने का दबाव और धमकी
सोमवती देवी का आरोप है कि रिश्ता तय होने के कुछ दिन बाद ओमकार सिंह, उनकी पत्नी सदावती गौतम, बेटी उमा गौतम, दामाद अंशुल, बेटा विमल गौतम और बदायूं के एक डिग्री कॉलेज में प्रवक्ता डॉ. सूर्य प्रकाश गौतम ने मिलकर उनके बेटे मनोज पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि अगर मनोज सनातन धर्म नहीं छोड़ेगा तो शादी नहीं होगी. इसके अलावा उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर धर्म नहीं बदला गया तो मनोज और उसके परिवार पर दहेज का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा. इतना ही नहीं, दो दिन के अंदर धर्म छोड़ने या 10 लाख रुपये देने की मांग भी रखी गई.
घर आकर की पिटाई
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी कई बार उनके घर भी आए और बेटे मनोज के साथ मारपीट की. उन्होंने परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया. इसके बाद सोमवती देवी ने इज्जतनगर थाने में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई.
पुलिस ने शुरू की जांच
इज्जतनगर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

