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योगी कैबिनेट की बैठक आज, शिक्षक-कर्मचारियों को मिलेगा दिवाली से पहले तोहफा!

योगी कैबिनेट की बैठक आज, शिक्षक-कर्मचारियों को मिलेगा दिवाली से पहले तोहफा!

योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)Image Credit source: PTI (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में 16 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना है. इनमें शिक्षक-कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, अस्पतालों का विस्तार, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं.

योगी कैबिनेट की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं. इसके अलावा, IIT कानपुर में साइबर सुरक्षा केंद्र और हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए आवास जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं. FDI प्रोत्साहन और कई कानूनी संशोधनों पर भी मुहर लग सकती है, जिससे प्रदेश में विकास और कल्याण को गति मिलेगी.

10 लाख शिक्षक-कर्मचारियों को कैशलेस इलाज का प्रस्ताव

कैबिनेट बैठक का सबसे अहम प्रस्ताव प्रदेश के करीब 10 लाख शिक्षक-कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने से जुड़ा है. इस योजना से संबंधित कर्मचारियों के परिवारों सहित लगभग 50 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है.

प्रस्ताव के दायरे में सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों और समग्र शिक्षा परियोजना के पात्र कर्मचारियों को शामिल करने की तैयारी है. प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर इन वर्गों के कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च में बड़ी राहत मिल सकती है.

चार अस्पतालों को PPP मॉडल पर चलाने की तैयारी

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के 200 या उससे अधिक बेड वाले 4 अस्पतालों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जा सकता है.

इसके अलावा, प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की क्षमता बढ़ाने की योजना है. प्रस्ताव के मुताबिक, अस्पताल में बेड की संख्या 1,250 से बढ़ाकर 3,000 की जा सकती है. इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है.

एक्सप्रेसवे और साइबर सुरक्षा पर भी नजर

कैबिनेट बैठक में IIT कानपुर में UP Cyber Security Operations Center (UP-COCS) की स्थापना को मंजूरी दिए जाने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है. यह कदम डिजिटल सुरक्षा और साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण है. इसका मकसद प्रदेश के संवेदनशील डेटाबेस, सरकारी पोर्टलों को साइबर हमलों या हैकिंग से बचाना है.

प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में हैं. फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली परियोजना और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के 2 पैकेजों के लिए विकासकर्ता के चयन का प्रस्ताव है.

मैनपुरी सैनिक स्कूल के लिए मुफ्त जमीन

मैनपुरी सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए नौनेर ग्राम सभा की 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त देने का प्रस्ताव है. वहीं, झांसी और ललितपुर में भंडारगृह के लिए राज्य भंडारण निगम को मुफ्त जमीन देने पर मुहर लग सकती है.

इसके अलावा, हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए आवास बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है. प्रयागराज के देवघाट-झलवा में इलाहाबाद हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए टाइप-3 के 533 और टाइप-4 के 312 आवास बनाए जाएंगे.

निवेश, शिक्षा और पशुधन से जुड़े प्रस्ताव

वहीं, कैबिनेट बैठक में FDI, विदेशी पूंजी निवेश और फॉर्च्यून-500 से जुड़ी पात्र कंपनियों को सब्सिडी देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है. इसके अलावा, शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 में संशोधन, पंचायतीराज सामान्य निवास नियमावली-2026 और राज्य पशुधन मिशन का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है.

इसके अलावा,GCC नीति-2024 की उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों, स्टांप अधिनियम-1899 में संशोधन और अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को मंजूरी देने के प्रस्ताव पर भी फेसला लिया जा सकता है.

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है.

कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है.

सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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