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यूपी में बीजेपी अंगद का पैर है, इसे कोई नहीं हिला सकता… लखनऊ में बोले अमित शाह

लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत का मंत्र दिया. अमित शाह ने कहा कि यूपी में बीजेपी अंगद का पैर है, इसे कोई नहीं हिला सकता. कार्यकर्ताओं को अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखने और सरकार बनाने के लिए कमर कसने का संदेश दिया. अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत ही समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमले से की.

30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलने की घटना का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राम भक्तों पर गोली चलाने के लिए जनता कभी माफ नहीं करेगी. अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया और कहा कि अगले 20 साल तक कांग्रेस जीतने वाली नहीं है. करीब चार घंटे तक चली बैठक में शाह ने 2027 के चुनाव के लिए पार्टी का रोडमैप और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बताई.

संबोधन की शुरुआत में ही अखिलेश पर हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमले से की. उन्होंने 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी का जिक्र किया. अमित शाह ने कहा कि आज ही के दिन मुलायम सिंह यादव की सरकार में राम भक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं. उन्होंने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि राम भक्तों पर गोली चलाने के लिए जनता कभी माफ नहीं करेगी.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अखिलेश यादव एंड कंपनी को लगता है कि जनता सब भूल जाएगी और माफ कर देगी, लेकिन जनता इसे याद रखेगी. उन्होंने कहा कि सरयू का पानी राम भक्तों के खून से लाल हुआ था. शाह ने राम मंदिर आंदोलन और कारसेवकों पर गोली चलाने की घटना को याद दिलाते हुए सपा पर राजनीतिक हमला बोला.

2014 से 2017 तक के चुनावी आंकड़े गिनाए

अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की चुनावी यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय यूपी में बीजेपी के सामने सिर्फ 41 विधानसभा सीटें थीं और कार्यकर्ताओं में घोर निराशा थी. इसके बावजूद पार्टी ने 73 लोकसभा सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया. शाह ने कहा कि सपा सरकार की तमाम यातनाओं को झेलते हुए बीजेपी ने 43 फीसदी वोट हासिल किए.

इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उस समय नोटबंदी हुई थी और वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. उनके मुताबिक, अखिलेश यादव को लग रहा था कि नोटबंदी के कारण बीजेपी चुनाव हार जाएगी, लेकिन पार्टी ने 41 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करते हुए 312 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राजनीति की नई शुरुआत की.

शाह का राहुल गांधी पर निशाना

अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब से राजनीति में आए हैं, तब से कांग्रेस सिर्फ चुनाव हार रही है. राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए शाह ने कहा कि अगले 20 साल तक आप जीतने वाले नहीं हैं, यह सुन लीजिए. शाह ने कार्यकर्ताओं को यह भी कहा कि वह चुनाव में आएंगे और हिसाब-किताब भी लेंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपना बही-खाता सही रखने की बात कही.

पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को किया सतर्क

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी बैठक में कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को लगातार मतदाताओं के बीच रहना है और उन्हें भ्रमित होने से रोकना है. पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि विदेशी फंडिंग के जरिए भ्रम और अशांति फैलाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस तरह की गतिविधियों को लेकर चौकन्ना रहने को कहा. बीजेपी सांसद रवि किशन ने अमित शाह की तारीफ करते हुए उन्हें राजनीति का चाणक्य बताया. उन्होंने कहा कि शाह के पैर बहुत शुभ हैं और बंगाल चुनाव में भी पार्टी ने इसका असर देखा है.

चार घंटे की बैठक, योगी करेंगे समापन सत्र को संबोधित

अमित शाह करीब नौ महीने बाद लखनऊ पहुंचे थे. प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने लगभग चार घंटे तक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ चर्चा की. बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक का मुख्य फोकस 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी और बीजेपी की लगातार तीसरी सरकार बनाने का लक्ष्य रहा. अमित शाह के संबोधन के बाद शाम पांच बजे समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे.

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी को पत्रकारतिा के क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. देश और उत्तरप्रदेश की राजनीति को कवर करते आ रहे हैं. दिल्ली में अमर उजाला और पंजाब केसरी से पत्रकारिता की यात्रा की शुरुआत हुई.  दिल्ली में 2 साल की पत्रकारिता के बाद मिट्टी की खुशबू यूपी खींच लाई और तब से राजधानी लखनऊ में ही पत्रकारिता हो रही है. 2017 में यात्रा को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े. राजनीतिक खबरों में गहरी रुचि और अंदर की खबर को बाहर लाने का हुनर, साथ ही यूपी की ब्यूरोकेसी में खास पकड़.  पत्रकारिता का फलसफा खबरों को खबर के रूप में ही जनता तक पहुंचाना.

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