उत्तर प्रदेशभारत

‘मुस्लिम बहू घर में नहीं…’, जौनपुर में इंजीनियर बेटे ने मां-बाप को मारा, आरी से शव के 6 टुकड़े किए; फिर बोरे में भरकर नदी में फेंका

'मुस्लिम बहू घर में नहीं...', जौनपुर में इंजीनियर बेटे ने मां-बाप को मारा, आरी से शव के 6 टुकड़े किए; फिर बोरे में भरकर नदी में फेंका

जौनपुर पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया.

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला समाने आया है. पारिवारिक विवाद और पैसे के लेन-देन को लेकर कलयुगी बेटे ने अपने ही माता-पिता के सिर पर लोढ़ा से मारकर हत्या कर दी. हत्या के बाद दोनों शवों को तीन-तीन टुकड़ों में सरिया काटने वाली आरी से काटा. फिर सभी छह टुकड़ों को बोरे में भरकर कार से ले जाकर गोमती नदी के फेंक दिया. माता-पिता की हत्या करके आरोपी बेटा बनारस गया. वहां गंगा स्नान करके घाट के किनारे एक दिन रहा. बहन ने माता-पिता की तलाश में निकले भाई के भी संपर्क न होने पर तीनों के खिलाफ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

पूरा मामला जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव का है. 40 वर्ष पूर्व केराकत थाना क्षेत्र के खड़गसेनपुर निवासी श्यामबहादुर की शादी अहमदपुर की रहने वाली बबिता देवी के साथ हुई थी. ससुराल में नवासा मिलने पर दंपति अहमदपुर ही रहने लगा था. श्यामबहादुर का 37 वर्षीय इकलौता बेटा अंबेश बीटेक करके कोलकाता में क्वालिटी इंजीजियर के पद पर कार्यरत था. कोलकाता की एक मुस्लिम ब्यूटी पार्लर संचालिका से उसकी नजदीकियां बढ़ गईं.

अंबेश ने उससे शादी कर ली. घरवालों को जब ये जानकारी हुई तो घर वाले खफा हो गए. लॉकडाउन के दौरान हुए प्रेम विवाह के बाद अंबेश चार साल की एक बेटी और डेढ़ साल का एक बेटे का पिता बना. मुस्लिम बहू को परिवाद वाले स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे. परिवारिक दबाव के बाद अंबेश पत्नी को तलाक देने के लिए तैयार हो गया था, लेकिन पत्नी द्वारा की जा रही रुपए की डिमांड को परिजन देने को तैयार नहीं थे.

प्रापर्टी के लिए अक्सर होता था झगड़ा

स्थानीय लोगों की मानें तो शादी के बाद अंबेश पूरी तरह बदल गया था. कोलकाता से आने के बाद अक्सर वह माता-पिता से प्रापर्टी को लेकर लड़ाई-झड़ते करता रहता था. उसे डर था कि परिजन कहीं उसके ननिहाल के नवासे के रूप में मिली संपत्ति से भी उसे बेदखल न कर दें. ये भी पता चला है कि मुस्लिम लड़की से शादी करने बाद अंबेश नमाज भी पढ़ने लगा था.

हत्या के बाद कोलकाता भागने की तैयारी में था आरोपी

माता-पिता की निर्मम हत्या करने के बाद अंबेश ने शव को ठिकाने लगाने के लिए जो किया, वो बेहद हैरान करने वाला था. उसने लोहे की सरिया काटने वाली आरी से माता-पिता के शवों को तीन-तीन टुकड़ों में काटकर छह बोरियों के भर दिया. स्विफ्ट कार के भरकर उसे बेलाव घर के पास ले जाकर गोमती नदी में फेक दिया.

मां का कटा पैर घर में छूट गया, फिर उसे सई नदी में फेंका

बेलाव घाट पर माता-पिता के कटे शव को बोरे में भरकर फेंकने के बाद अंबेश ने सुबूतों को मिटाने की पूरी कोशिश की. उसने कार की डिग्गी से लेकर कमरे की फर्श पर पड़े खून को अच्छे से धोकर साफ किया. इन सबके बाद जब उसने घर में देखा तो उसे मां का कटा एक पैर पड़ा मिला. इसके बाद वह घबरा गया. मां के कटे पैर को झोले के भरकर वह उसे जलालपुर स्थित सई नदी के फेंक दिया.

वहीं इसके बाद बहन को फोन करके माता-पिता के लापता होने की बात कहकर उन्हें ढूंढ़ने के बहाने खुद गायब हो गया. वह वाराणसी जाकर गंगा स्नान करके एक दिन घाट के किनारे रहा, लेकिन उसकी बेचैनी बढ़ने लगी. वहीं से वह कोलकाता भागने की फिराक में था. हालांकि, बहन द्वारा माता-पिता के साथ उन्हें ढूंढ़ने निकले भाई के भी लापता होने पर गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी.

पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

तीनों लापता लोगों के खिलाफ गुमशुदगी दर्ज करके पुलिस की कई टीमें छानबीन में जुट गई थीं. हालांकि पुलिस ने अंबेश को बरामद करके हुए जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी वारदात के बारे के बताया. बहन की शिकायत पर केस दर्ज करके पुलिस आलकत्ल आरी, लोहे का खल-बट्टा, स्विफ्ट कार और मोबाइल बरामद करते हुए उसे जेल भेज दिया.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button