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मणिपुर की लड़की की झांसी में संदिग्ध मौत, कब्रिस्तान में शव दफनाने पहुंचा बॉयफ्रेंड, पति ने पहुंचकर जमकर काटा बवाल

मणिपुर की लड़की की झांसी में संदिग्ध मौत, कब्रिस्तान में शव दफनाने पहुंचा बॉयफ्रेंड, पति ने पहुंचकर जमकर काटा बवाल

मणिपुर की लड़की की झांसी में संदिग्ध मौत

Jhansi spa worker death: उत्तर प्रदेश के झांसी में एक स्पा सेंटर में काम करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कब्रिस्तान में जमकर हंगामा हो गया. मृतका का बॉयफ्रेंड शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान पहुंचा था, लेकिन वहां पहचान पत्र न होने के कारण कर्मचारियों ने दफनाने से इनकार कर दिया. इसी दौरान युवती का पति मौके पर पहुंच गया और हत्या का आरोप लगाते हुए विवाद खड़ा हो गया.

मृतका की पहचान सिम्मी उर्फ टेरेसा (30) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मणिपुर की रहने वाली थी. उसकी शादी करीब 10 साल पहले जॉन नाम के व्यक्ति से हुई थी. शादी के बाद दोनों दिल्ली में रहते थे, लेकिन नवंबर 2025 में टेरेसा झांसी आ गई थी. यहां वह सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के नंदनपुरा इलाके में स्थित एक मसाज पार्लर में काम करने लगी थी.

10 दिनों से बीमार थी सिम्मी

बताया जा रहा है कि पार्लर में काम के दौरान सिम्मी की दोस्ती एक महिला सहकर्मी से हुई और वह उसी के घर रहने लगी. इसी दौरान सहकर्मी के भाई से उसकी नजदीकियां बढ़ीं और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे. सहकर्मी के मुताबिक, सिम्मी पिछले करीब 10 दिनों से बीमार थी और उसका इलाज कराया जा रहा था. बुधवार शाम उसकी अचानक मौत हो गई, जिसकी सूचना परिजनों को दी गई.

मौत के बाद उसका कथित प्रेमी शव को लेकर जीवनशाह स्थित कब्रिस्तान पहुंचा, जहां बिना पहचान पत्र के शव लाने पर कर्मचारियों ने दफनाने से मना कर दिया. इसके बाद शव को कानपुर चुंगी क्षेत्र के एक अन्य कब्रिस्तान ले जाया गया, लेकिन वहां भी अनुमति नहीं मिली. इसी बीच मृतका का पति जॉन अपने परिचितों के साथ मौके पर पहुंच गया और मौत पर संदेह जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया.

पति ने लगाए गंभीर आरोप

पति का आरोप है कि उसकी पत्नी की हत्या की गई है और बिना उचित प्रक्रिया के शव को दफनाने की कोशिश की जा रही थी. उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची नवाबाद थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

जॉन के दोस्त अमन सिंह के अनुसार, उन्हें रास्ते में कई बार फोन कर शव को जल्दी दफनाने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया. उनका कहना है कि जॉन ईसाई धर्म से हैं, इसलिए अंतिम संस्कार चर्च की परंपराओं के अनुसार होना चाहिए था.

वहीं कब्रिस्तान समिति के सदस्य मोहम्मद इमरान खान ने बताया कि बिना पहचान पत्र शव लाए जाने की सूचना मिलने पर दफनाने से इनकार किया गया था. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा.

अमित सोनी

अमित सोनी

पत्रकारिता क्षेत्र में लगभग 20 वर्ष का एक्सपीरियंस है, जिसमें 2 वर्ष प्रिंट मीडिया और लगभग 18 वर्ष से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है. इसमें भारत समाचार, डीडी न्यूज़ आंखों देखी, इंडिया वॉच, न्यूज वन इंडिया, न्यूज़ बीके, टीवी 100, एफएम न्यूज, भारत अपडेट, जेके 24×7 न्यूज व तकरीबन 8 साल से हिंदी खबर न्यूज़ चैनल के लिए जिला संवाददाता के काम रूप में काम किया है.

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