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पत्थर से क्या गोली चलती है? संभल हिंसा की रिपोर्ट पर बोले सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क

पत्थर से क्या गोली चलती है? संभल हिंसा की रिपोर्ट पर बोले सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क

संभल हिंसा और सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क.

2024 की संभल हिंसा पर ज्यूडिशियल कमीशन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अशांति “पहले से प्लान की हुई” थी और इसमें समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल की भूमिका का जिक्र है. उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया, “सर्वे को लेकर मुस्लिम समुदाय में गलत जानकारी फैलाई गई, जिस गोली से मौतें हुईं, वह पुलिस ने नहीं चलाई थी, और गुंडों ने पुलिस के हथियार लूटने की कोशिश की थी.”

गुरुवार को संभल हिंसा रिपोर्ट पर पीटीआई न्यूज से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने आरोपों का जवाब दिया है, उन्होंने कहा कि यह साफ है कि यह रिपोर्ट झूठी कहानी पेश करके तैयार की गई थी, और SIT ने बस सरकार की तरफ से वह स्क्रिप्ट पेश की. मैं इससे सहमत नहीं हूं.

संभल के बेगुनाह लोगों को बदनाम करने की कोशिश

उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मुझे बल्कि संभल के बेगुनाह लोगों और समुदाय को बदनाम करने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है. हम इस रिपोर्ट को खारिज करते हैं और पूछते हैं: अगर ऐसी पहले से तय रिपोर्ट वैसे ही पेश की जानी थी, तो सरकार और जनता का पैसा बर्बाद करने की क्या जरूरत थी? ऐसा लगता है कि रिपोर्ट पहले ही तय हो चुकी थी और उसे बस वैसे ही पेश कर दिया गया जैसा वह था.

उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी चैलेंज किया है, जो पुलिस और प्रशासन के लोग जिनके पास पूरा सिस्टम है, सीसीटीवी कैमरे हैं.ड्रोन कैमरे और फुटेज हैं. मीडिया कवरेज में देखा होगा कि कैसे पुलिस गोली चला रही थी.

एक दिन सच सामने आएगा और मिलेगा इंसाफ

आप बताइए जब गोली वे लोग चला रहे थे. कोई भी ऐसा फुटेज नहीं है कि हमारी मासूम जनता की ओर कोई हथियार लेकर गोली चला रहा हो. जब उनके हाथ में हथियार का फोटो नहीं है, तो गोली कहां से चलेगी? यदि पत्थर से गोली चलती हो तो उस बात का मेरे पास कोई जवाब नहीं है.

सपा सांसद ने कहा कि आपने मिसाल सुनी होगी कि एक झूठ छिपाने के लिए दस झूठ बोलने पड़ते हैं. ये अलग-अलग बयानबाजी कर रहे हैं और अपनी जाल में फंस रहे हैं. कागज कभी खत्म नहीं होती है. समय जरूर बदलता है. हमें न्यायपालिका और संविधान पर भरोसा है. कल इंसाफ मिलेगा. एसआईटी कोई न्यायपालिका नहीं है. एसआईटी केवल रिपोर्ट दे सकती है. जिन लोगों ने गलत काम किया है, उन्हें सजा मिलेगी.

ये भी पढ़ें- साजिश, अफवाह फिर फायरिंग संभल हिंसा पर विधानसभा में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट

अजय विद्यार्थी

अजय विद्यार्थी

कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.

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