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धामपुर के राम मंदिर में लगी भीषण आग, लपटें देख दौड़े लोग; फायर ब्रिगेड की देरी पर भड़के

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर कस्बे से एक बड़ी खबर सामने आई. यहां सोमवार रात आठ बजे मौहल्ला साहुवान स्थित ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर आश्रम में अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने की इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. गनीमत यह रही कि हादसे के समय मंदिर में मौजूद सभी श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित हैं. हालांकि मंदिर संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है.

रात 8 बजे भड़कीं आग की लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार रात करीब आठ बजे मंदिर परिसर से अचानक आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. मंदिर से आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को तुरंत मामले की सूचना दी गई.

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फायर ब्रिगेड की देरी पर लोगों में रोष

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. फायर ब्रिगेड की इस देरी को लेकर वहां मौजूद भीड़ और स्थानीय निवासियों में काफी नाराजगी व आक्रोश देखने को मिला. इसके बाद फायर कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत करते हुए बामुश्किल आग पर पूरी तरह काबू पाया.

शार्ट सर्किट से लगी आग

मामले की जानकारी देते हुए सीओ धामपुर अंजनी कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है. मंदिर की दूसरी मंजिल पर लगे एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से अचानक आग भड़क गई थी. देखते ही देखते यह आग छत पर रखी सूखी लकड़ियों तक पहुंच गई, जिसने विकराल रूप धारण कर लिया.

श्रद्धालु सुरक्षित, बड़ा नुकसान टला

राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय मंदिर में पूजा-पाठ करने आए सभी श्रद्धालु और भक्तजन पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए. इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है. पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर नुकसान का आकलन करने में जुटी है, लेकिन शुरुआती तौर पर मंदिर भवन को भारी नुकसान होने की बात कही जा रही है.

अमित रस्तोगी

अमित रस्तोगी

अमित रस्तोगी पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी पहचान वाइल्डलाइफ, एग्रोफोरेस्ट्री, हॉटिकल्चर, एनिमल हसबेंडरी फील्ड की विशेषज्ञता साथ-साथ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर की जाती है. उन्होंने मांस के लिए ऊंट, गाय, बैलों, गधों और खच्चरों की तस्करी, स्लाटरिंग के खूनी कारोबार का पर्दाफाश किया है.

उन्हें अपने काम के लिए कई सम्मान भी मिले हैं. अमित रस्तोगी ने एमआईटी कालेज औरंगाबाद से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. इसके बाद फिल्म एंव टेलीविजन संस्थान नई दिल्ली से प्रशिक्षण प्राप्त कर 2 वर्ष दूरदर्शन और 19 वर्षो तक इंडिया टीवी के लिये बतौर रिपोर्टर काम कर चुके हैं. वर्तमान में टीवी 9 नेटवर्क से जुड़े हैं.

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