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‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी मांगें माफी’, राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखी की तीन मांगें

कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर सरकार पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अनशन पर बैठे छात्रों से उनकी बात हुई है और छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं, जिन पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता. राहुल गांधी ने साफ कहा कि छात्रों की पहली और सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है.

राहुल गांधी ने बताई अपनी पहली मांग

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं और ये ऐसी मांगें हैं, जिन पर बातचीत या समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा कि छात्रों का साफ मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्ट, अयोग्य और अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों की पहली मांग यही है कि धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए.

राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में इस बात की चर्चा चल रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो यह समाधान नहीं होगा. राहुल गांधी ने कहा कि भारत के छात्र और देश का कोई भी व्यक्ति इसे स्वीकार नहीं करेगा.

‘धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुके हैं’

राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान अब केवल एक मंत्री नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य के साथ हुए नुकसान का प्रतीक बन चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके छात्र और उनका भविष्य हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उसी भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है.

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राहुल गांधी ने छात्रों की अन्य दो मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर कोई समझौता नहीं हो सकता. उनकी अन्य दो मांगें हैं:

  1. प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित बर्बरता और बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
  2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.



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