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ढाई घंटे का सफर 50 मिनट में… लखनऊ-सीतापुर के बीच बनेगा 6 लेन हाईवे, 100 की रफ्तार से दौड़ेंगी कारें

ढाई घंटे का सफर 50 मिनट में... लखनऊ-सीतापुर के बीच बनेगा 6 लेन हाईवे, 100 की रफ्तार से दौड़ेंगी कारें

हाईवे (सांकेतिक तस्वीर)

Lucknow-Sitapur 6-Lane Highway DPR Approved: लखनऊ से सीतापुर के बीच सफर को आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. लखनऊ-सीतापुर छह लेन हाईवे परियोजना के लिए डीपीआर पर एनएचएआई मुख्यालय में सहमति बन गई है. अब परियोजना को स्वीकृति के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भेजा गया है. मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा.

प्रस्तावित छह लेन हाईवे करीब 63 किलोमीटर लंबा होगा. यह लखनऊ में आउटर रिंग रोड से शुरू होकर सीतापुर में बाईपास पर जाकर जुड़ेगा. करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से लखनऊ और सीतापुर के बीच यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

कितने हजार वाहन रोज गुजरते हैं?

लखनऊ-सीतापुर मार्ग प्रदेश के व्यस्त मार्गों में शामिल है. इस हाईवे से रोजाना करीब 35 से 40 हजार वाहन गुजरते हैं. वर्तमान में चार लेन हाईवे होने के बावजूद वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. रास्ते में इटौंजा, बीकेटी, अटरिया, सिधौली और खैराबाद जैसे प्रमुख क्षेत्र पड़ते हैं, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होता है.छह लेन हाईवे बनने के बाद इस मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और वाहनों को अपेक्षाकृत सुगम एवं तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी.

परियोजना में यातायात के दबाव वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है. बीकेटी, इटौंजा, सिधौली, अटरिया, लहरपुर और खैराबाद समेत अन्य स्थानों पर जरूरत के अनुसार फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. इससे लोकल यातायात और हाईवे पर चलने वाले वाहनों को अलग-अलग रास्ता मिलने की उम्मीद है. खासकर बाजार और आबादी वाले इलाकों में लगने वाले जाम से राहत मिल सकती है.

सीतापुर का सफर तय करने में लगेगा कितना समय?

वर्तमान में लखनऊ से सीतापुर जाने में यातायात की स्थिति के अनुसार करीब दो से ढाई घंटे तक लग जाते हैं. प्रस्तावित छह लेन हाईवे बनने के बाद यह दूरी करीब 50 मिनट में पूरी होने का लक्ष्य रखा गया है. प्रस्ताव के मुताबिक कार, जीप और एसयूवी के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा, जबकि बड़े वाहनों के लिए अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखे जाने की बात है.

नैमिषारण्य जाने वालों होगा क्या फायदा?

इस परियोजना का लाभ केवल लखनऊ और सीतापुर के बीच आने-जाने वाले लोगों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि नैमिषारण्य धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क से लखनऊ से नैमिषारण्य की यात्रा आसान होगी और सफर में लगने वाला समय भी कम होगा. इसके अलावा सीतापुर से लखनऊ आने वाले नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और मरीजों को भी तेज और सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा.

इटौंजा से खैराबाद तक के लोगों को राहत

छह लेन हाईवे बनने से इटौंजा, बीकेटी, अटरिया, सिधौली, लहरपुर और खैराबाद क्षेत्र के लोगों को भी फायदा होगा. इन इलाकों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग लखनऊ और सीतापुर के बीच आवागमन करते हैं. हाईवे की क्षमता बढ़ने और प्रमुख स्थानों पर फ्लाईओवर-अंडरपास बनने से स्थानीय स्तर पर जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है.

डीपीआर पर सहमति के बाद अब मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिलते ही करीब 63 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी छह लेन हाईवे के निर्माण की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा.

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पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी

पंकज चतुर्वेदी को पत्रकारतिा के क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है. देश और उत्तरप्रदेश की राजनीति को कवर करते आ रहे हैं. दिल्ली में अमर उजाला और पंजाब केसरी से पत्रकारिता की यात्रा की शुरुआत हुई.  दिल्ली में 2 साल की पत्रकारिता के बाद मिट्टी की खुशबू यूपी खींच लाई और तब से राजधानी लखनऊ में ही पत्रकारिता हो रही है. 2017 में यात्रा को विस्तार देते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े. राजनीतिक खबरों में गहरी रुचि और अंदर की खबर को बाहर लाने का हुनर, साथ ही यूपी की ब्यूरोकेसी में खास पकड़.  पत्रकारिता का फलसफा खबरों को खबर के रूप में ही जनता तक पहुंचाना.

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