ट्रंप ने रूसी तेल खरीद से हटाया टैरिफ तो गदगद हुए पुतिन के दूत- ‘यह सच में…’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों के पैकेज को लागू न करने का फैसला लिया है, जिसकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने सराहना की है. उन्होंने ट्रंप के इस फैसले को ऐतिहासिक क्षण करार दिया है.
दिमित्रिएव ने शनिवार (17 अक्टूबर, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स इस संबंध में एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘ट्रंप प्रशासन की तरफ से ग्राहम एक्ट को सस्पेंड करना एक महत्वपूर्ण और असल में ऐतिहासिक क्षण है.’
पुतिन के दूत ने US के साथ किस चीज में सहयोग की बात की?
उन्होंने आगे कहा, ‘प्रतिबंधों और टकराव के बजाय हमें बातचीत, पारस्परिक रूप से फायदेमंद सहयोग और वैश्विक स्थिरता के लिए साझा जिम्मेदारी की जरूरत है.’
उनका यह बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से रूस से जुड़े अमेरिका के प्रमुख प्रतिबंधों और टैरिफ में छूट देने वाले एक कार्यकारी आदेश पर साइन करने के कुछ घंटे के बाद सामने आया है. ये प्रतिबंध और टैरिफ पिछले महीने ट्रंप की तरफ से साइन किए गए कानून के तहत लागू किए जाने वाले थे. इनमें रूस के सामान पर टैरिफ और उसके तेल-गैस की खरीद करने वाले देशों पर दंडात्मक कार्रवाई शामिल थी.
क्यों पलटा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का रूस पर फैसला?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने एक कानून पर साइन किया था. इस कानून का नाम लिंडसे ग्राहम एक्ट है. जिसके तहत ट्रंप को रूस के तेल और गैस के बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था. हालांकि, रूस पर नए प्रतिबंधों में छूट देने का ट्रंप का यह फैसला पुतिन के साथ उनके एक समझौते के बाद सामने आया.
इस समझौते के तहत मॉस्को की तरफ से वैश्विक बाजार में बड़ी मात्रा में डीजल लाने के लिए कहा गया, इसके बदले रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने पर सहमति बनी. समझौते के तहत ट्रंप ने कहा कि रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल की आपूर्ति वैश्विक बाजार में करेगा. इसके अलावा, नवंबर महीने में 5 लाख टन डीजल भेजा जाएगा और उसके बाद 10 लाख टन की एक और खेप उसके तुरंत बाद भेजी जाएगी.
यह भी पढ़ेंः एअर इंडिया ने रद्द की जेद्दा-रियाद की फ्लाइट्स, सऊदी जाने वाली उड़ानों पर क्यों लगी रोक?



