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जहां रानी लक्ष्मीबाई ने टेका था माथा, वहां उमड़ रही शिवभक्तों की आस्था… 300 साल पुराना है झांसी का मढिया महादेव मंदिर

जहां रानी लक्ष्मीबाई ने टेका था माथा, वहां उमड़ रही शिवभक्तों की आस्था... 300 साल पुराना है झांसी का मढिया महादेव मंदिर

मढिया महादेव मंदिर

Madhiya Mahadev Temple: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित ऐतिहासिक मढिया महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक यह मंदिर आज भी शिवभक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि 1857 की महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई भी युद्ध पर जाने से पहले यहां भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद लिया करती थीं. यही कारण है कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि झांसी के गौरवशाली इतिहास का भी साक्षी माना जाता है.

इतिहासकारों के अनुसार, मढिया महादेव मंदिर का निर्माण मध्यकाल में गुसाईं संतों द्वारा कराया गया था. उस समय गुसाईं संतों का झांसी क्षेत्र में प्रभाव था और उन्होंने कुछ समय तक यहां शासन भी किया. मंदिर परिसर कई छोटे-छोटे मंदिरों का समूह है, जिनके बारे में मान्यता है कि इन्हें भगवान शिव के उपासक गुसाईं संतों की समाधियों पर बनाया गया था.

मंदिर में क्या है खास?

परिसर का मुख्य मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है. इसके गर्भगृह में बेसाल्ट पत्थर से निर्मित प्राचीन शिवलिंग स्थापित है, जिसकी श्रद्धालुओं में विशेष मान्यता है. मंदिर की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्ता को देखते हुए इसे राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है.

हालांकि, लंबे समय तक यह ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा और अवैध अतिक्रमण का शिकार रही. बाद में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराया और इसके सौंदर्यीकरण तथा पर्यटन विकास के लिए करीब 46 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए.

मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम

झांसी के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी.के. शर्मा के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में सड़क, आकर्षक लाइटिंग, पेयजल, शेड, बैठने की व्यवस्था और बेहतर आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं. इससे अब श्रद्धालुओं को दर्शन करने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिल रही है.

सावन के दौरान दूर-दराज से आने वाले शिवभक्त यहां जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं. धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम बना मढिया महादेव मंदिर आज झांसी की पहचान बन चुका है. सावन में यहां उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि सदियों पुरानी यह आस्था आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही मजबूत है.

विवेक शर्मा

विवेक शर्मा

विवेक शर्मा उत्तर प्रदेश के झांसी से टीवी9 भारतवर्ष के रिपोर्टर हैं. कहते हैं कि बनारस में जन्म लेने वाले के मिजाज़ में एक अलग ही अल्हड़पन, बेबाकी और अलमस्ती होती है. इसी मिट्टी की तासीर लेकर साल 2002 में विवेक शर्मा ने पत्रकारिता की दुनिया में दिल्ली में कदम रखा.

विवेक की पत्रकारिता की शुरुआत हुई जैन टीवी (Jain TV), दिल्ली से, जहां कैमरे की बारीकियों और खबरों की रफ्तार को समझा. जैन टीवी में काम करते-करते मौका मिला देश के नंबर-1 चैनल आजतक (Aaj Tak) से जुड़ने का. ‘आजतक’ के साथ एक लंबा और शानदार कार्यकाल बीता. विवेक को दो दशक (20 साल) से ज्यादा का अनुभव है.

आजतक चैनल के बाद अपने करियर को कुछ समय के लिए विराम देकर उन्होंने फिर से एक नई पारी की शुरुआत की. वर्तमान में TV9 भारतवर्ष के संवाददाता के रूप में ज़मीनी स्तर पर काम करते हुए उनका एकमात्र मकसद जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से उठाना है. चमक-दमक वाली खबरों से दूर, बुंदेलखंड की जनता के मुद्दे, उनकी परेशानियां और प्रशासन तक उनकी आवाज़ पहुंचाना ही उनका उद्देश्य है.

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