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गोरखपुर में एक ही स्कूल के 150 छात्र 12वीं में फेल, बोले- एग्जाम अच्छा हुआ, जानबूझकर काटे नंबर

गोरखपुर में एक ही स्कूल के 150 छात्र 12वीं में फेल, बोले- एग्जाम अच्छा हुआ, जानबूझकर काटे नंबर

नीना थापा इंटर कॉलेज के छात्रों ने स्क्रूटनी की मांग की.

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. नंदा नगर स्थित नीना थापा इंटर कॉलेज के करीब 150 छात्र-छात्राएं 12वीं की परीक्षा में फेल हो गए हैं. बड़ी संख्या में छात्रों के असफल होने के बाद छात्र-छात्राओं ने विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर फेल किया गया है. छात्रों का कहना है कि उनकी परीक्षा अच्छी हुई थी, लेकिन परिणाम अपेक्षा के विपरीत आया.

छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने की मांग की. उनका कहना है कि यह केवल परीक्षा परिणाम का मामला नहीं, बल्कि उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है.

छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप

छात्रों का आरोप है कि जिस विद्यालय में उनका परीक्षा केंद्र बनाया गया था, वहां कुछ महीने पहले साइकिल खड़ी करने को लेकर दो छात्रों के बीच विवाद हुआ था. इस विवाद में नीना थापा इंटर कॉलेज का छात्र सत्यम कुमार गौड़ गंभीर रूप से घायल हो गया था और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई थी.

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छात्रों का दावा है कि उसी घटना का बदला लेने के लिए उन्हें जानबूझकर कम अंक देकर फेल कर दिया गया. छात्रों का कहना है कि भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों में कई छात्रों को लगातार 15-15 अंक दिए गए हैं, जिससे उन्हें परिणाम पर संदेह हो रहा है.

स्कूल प्रशासन ने जताई चिंता

विद्यालय के प्रधानाचार्य राम कुमार ने बताया कि इंटरमीडिएट के लगभग 50 प्रतिशत छात्र इस बार असफल हुए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकांश छात्र फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ में फेल हुए हैं, जो विद्यालय के लिए भी चिंता का विषय है. प्रधानाचार्य ने बताया कि छात्रों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय कार्यालय और शिक्षा विभाग को प्रार्थना पत्र भेजा गया है. उन्होंने कहा कि छात्रों के अंकों का पैटर्न असामान्य प्रतीत हो रहा है और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

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DIOS से जांच की मांग

प्रधानाचार्य राम कुमार के अनुसार, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है. शिक्षा विभाग ने जांच कराने का आश्वासन दिया है. अब छात्र और उनके अभिभावक उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्मूल्यांकन और स्क्रूटनी की मांग कर रहे हैं.

छात्रों का भविष्य अधर में

एक साथ इतने छात्रों के फेल होने से विद्यालय में चिंता का माहौल है. छात्र-छात्राओं का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो उनका एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है. फिलहाल सभी की नजर शिक्षा विभाग की जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है.

प्रदीप कुमार तिवारी

प्रदीप कुमार तिवारी

प्रदीप कुमार तिवारी ने 2014 से पत्रकारिता की शुरुआत की. उन्होंने p7 न्यूज चैनल से करियर की शुरुवात की. प्रदीप कुमार तिवारी TV9 भारतवर्ष चैनल में आने से पहले Zee news में भी काम कर चुके हैं. प्रदीप को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है. कई वर्षों से डिजिटल में रहने की वजह से डिजिटल कंटेंट पर पकड़ अच्छी है.

प्रदीप तिवारी पत्रकारिता के साथ-साथ एनीमेशन फील्ड में भी अच्छी पकड़ रखते हैं. उन्हें ग्राफिक डिजाइनिंग के साथ साथ 2D और 3D एनीमेशन की जानकारी अच्छी है. प्रदीप ने लगभग 2 वर्ष तक प्रभात खबर के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम किया है.

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