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अयोध्याः ’13 पंच मेरे साथ, कोई नहीं हटा सकता’… निर्मोही अखाड़े के दावे पर महंत दिनेंद्र दास का पलटवार

अयोध्याः '13 पंच मेरे साथ, कोई नहीं हटा सकता'... निर्मोही अखाड़े के दावे पर महंत दिनेंद्र दास का पलटवार

महंत दिनेंद्र दास

अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने निर्मोही अखाड़े को लेकर आई खबरों के बीच अपना एक लिखित बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से पता चला कि निर्मोही अखाड़ा सुप्रीम कोर्ट जा रहा है. इस दौरान उन्हें निर्मोही अखाड़े से हटाए जाने की बात को गलत बताया. दिनेंद्र दास ने कहा कि दिल्ली में हुई ‘पंचायती’ मीटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.

दिनेंद्र दास ने रविवार को महंत के पद से हटाए जाने की खबरों पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि निर्मोही अखाड़ा एक ‘पंचायती’ मठ है, जहां ‘पंचों’ (परिषद के सदस्यों) का फैसला ही आखिरी होता है. ‘महाराज सदन’ में 19 पंच हैं और उनमें से 13 उनके साथ हैं. बाकी छह सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अखाड़े के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा पहले उनके ‘मुख्तार’ (अधिकृत प्रतिनिधि) थे, लेकिन अब उन्हें उस भूमिका से हटा दिया गया है. कार्तिक ही उन्हें हटाने और राजनीति करने की बातें कर रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे. जब तक पंच उनके साथ हैं, तब तक कुछ नहीं होगा.

महंत दिनेंद्र दास ने दावा किया है किराजा रामचंद्राचार्य 102 साल के हैं. ऐसे में उनकी सोचने-समझने की शक्ति कम हो गई है. इसीलिए कुछ लोग इसका गलत फायदा उठाना चाह रहे हैं. इससे पहले चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद, 19 जून को CM योगी ने राम लला की पूजा-अर्चना के लिए अयोध्या का दौरा किया था. उस मौके पर योगी के लिए पूजा-पाठ और अनुष्ठान दिनेंद्र दास ने संपन्न कराया था. जबकि इससे पहले, जब भी योगी राम मंदिर आते थे, तो पूजा और अनुष्ठान कराने की जिम्मेदारी हमेशा चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव संभालते थे.

कौन हैं महंत दिनेंद्र दास?

अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के महंत पद से हटाए गए महंत दिनेंद्र दास दस साल की उम्र में साधु-संतों के समुदाय में शामिल हो गए थे. वे राम मंदिर के निर्माण के लिए जिम्मेदार ट्रस्ट के ट्रस्टी भी हैं. राम जन्मभूमि कानूनी विवाद में निर्मोही अखाड़ा एक मुख्य पक्षकार था. इसलिए, उन्हें अयोध्या में एक प्रभावशाली महंत माना जाता है. दिनेंद्र दास राम मंदिर ट्रस्ट के एकमात्र ऐसे संत-सदस्य हैं जो अयोध्या के ही रहने वाले हैं. 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया और विशेष रूप से निर्देश दिया कि नए बने ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को प्रतिनिधित्व दिया जाए. इसी निर्देश के तहत महंत दिनेंद्र दास को ट्रस्टी नियुक्त किया गया था.

VIP पास और एंट्री की व्यवस्था दिनेंद्र दास के पास

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद ट्रस्ट में बड़े बदलाव किए गए हैं. मंदिर के VIP पास और एंट्री की व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी महंत दिनेंद्र दास को सौंपी गई है. पहले यह जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास थी. इसका मतलब है कि अब मंदिर में एंट्री के लिए जारी किए जाने वाले सभी पास महंत दिनेंद्र दास के नाम पर रजिस्टर्ड डिजिटल ID का इस्तेमाल करके मंजूर किए जा रहे हैं.

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. 2014 में पत्रकारिता की शुरुआत Zee Media से हुई. दिल्ली में रिपोर्टिंग की. 2018 में ETV भारत के नेशनल ब्यूरो में बतौर रिपोर्टर जॉइन किया. इस दौरान संघ (RSS-VHP), शिक्षा, कृषि, पर्यटन के साथ किसान और मजदूरों के मुद्दों पर रिपोर्टिंग की. 2022 में TV9 भारतवर्ष जॉइन किया और दिल्ली ब्यूरो का हिस्सा रहे. इस दौरान उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान,महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में कई बड़ी खबरों और इवेंट्स कवर करने का अवसर मिला. 2025 में लखनऊ ब्यूरो की जिम्मेदारी के साथ दिल्ली से लखनऊ भेजा गया. 17 साल दिल्ली में रहने के बाद अब कर्मस्थली यूपी की राजधानी है. अब उत्तर प्रदेश की राजनीति, सरकार और जनता से जुड़े मुद्दों की रिपोर्ट जनता तक पहुंचाते हैं.

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