बेटियां शिक्षित तो समाज सशक्त… CM योगी ने बताया मां स्कंदमाता की आराधना का महत्व


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (File)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगतजननी मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप को वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बताया. उन्होंने कहा कि मां स्कंदमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है.
2017 से पहले सिर्फ उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार
सीएम योगी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं. प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी. अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी.
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।आदिशक्ति माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कन्दमाता के चरणों में कोटि-कोटि नमन।
माँ की कृपा से सभी के संकल्पों को सामर्थ्य मिले, जीवन में मंगल हो और परिवारों में प्रेम व प्रसन्नता बनी रहे।
जय माँ स्कन्दमाता।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 14, 2026
डबल इंजन सरकार में समग्र कल्याण
मुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है. पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है.
बदले परिदृश्य पर कराया ध्यानाकर्षण
मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है. स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है.
अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है. कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है.




