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राम मंदिर चंदा विवाद: कौन नोट गिनता है और कौन करता है निगरानी… चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव ने बताई पूरी कहानी

राम मंदिर चंदा विवाद: कौन नोट गिनता है और कौन करता है निगरानी... चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव ने बताई पूरी कहानी

राम मंदिर दान चोरी विवाद

राम मंदिर चंदा विवाद में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव ने कई बड़ी बातें बताई हैं. टीवी9 भारतवर्ष से एक्सक्लूसिव बातचीत में टिन्नू यादव ने कहा कि संतोष दुबे से हम कभी नहीं मिले. मेरे जरिए कोई नौकरी पर नहीं आया. मेरा बेटा वहां नहीं है, मेरा भतीजा मनीष वहां काम करता है. जांच चल रही है, दोषी हो तो कार्रवाई की जाए.

टिन्नू यादव ने कहा कि मंदिर परिसर में हमारा जाना है, हम रोज जाते हैं. हमसे अभी तक कोई पूछताछ नहीं है. दुष्प्रचार किया जा रहा है. मुझे वहां लोग देखना नहीं चाहते. दान पेटी का सारा रिकॉर्ड होता है. हमारा अकाउंट सेक्शन है, उससे आकर बात करें, सब पता लग जाएगा. किसी की छवि धूमिल करने से पहले उसकी जानकारी कर लेनी चाहिए. जांच में हम भी सहयोग करेंगे. कोई सच्चाई नहीं है, बेवजह मामला उछाल दिया है.

‘महिपाल जो आरोप लगा रहे हैं वो 2021 के हैं’

क्या आप ट्रस्ट में बने रहेंगे? इस सवाल के जवाब में टिन्नू यादव ने कहा कि संगठन जो दायित्व देगा वो करते रहेंगे. मैं अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा देने को तैयार हूं. जांच में सब साफ हो जाएगा. देखरेख अभी सुभाष जी करते हैं. महिपाल जो आरोप लगा रहे हैं वो 2021 के हैं. उन्हें तभी प्रकट होना चाहिए था. लेखाधिकारी का कोई पद नहीं होता है. अभी करीब 50 लोग नोटों की गिनती करते हैं, मशीन से होता है. SBI के लोग होते हैं. ट्रस्ट के लोग सिर्फ देखरेख करते हैं. कोई फुटेज डिलीट नहीं किया गया, सब मनगढ़ंत कहानी है.

‘डोनेशन बॉक्स बैंक ट्रस्ट के लोग खुलवाते थे’

टिन्नू यादव ने आगे कहा कि मेरे परिवार की एक मिठाई की दुकान है. उसे भाई चलाते हैं. पहले मेरे पास टैंपो है. 1993 में वीएचपी में आया. टैक्सी भी चलाया. मुझे टारगेट किया जा रहा है क्योंकि चंपत जी के करीबी हैं. जो काम वो बताते थे वो काम करता था. दीनानाथ जी निगरानी करते थे. फिर सुभाष श्रीवास्तव आ गए. मेरा नाम तो उछाल रहे हैं. डोनेशन बॉक्स बैंक- ट्रस्ट के लोग खुलवाते थे. एसबीआई के लोगों की नजर के सामने होता था. काउंटिंग के दौरान लगभग 50 लोग लगते हैं. सारा सीसीटीवी फुटेज है. सब मनगढंत कहानियां हैं.

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर

अभिजीत ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. 2014 में पत्रकारिता की शुरुआत Zee Media से हुई. दिल्ली में रिपोर्टिंग की. 2018 में ETV भारत के नेशनल ब्यूरो में बतौर रिपोर्टर जॉइन किया. इस दौरान संघ (RSS-VHP), शिक्षा, कृषि, पर्यटन के साथ किसान और मजदूरों के मुद्दों पर रिपोर्टिंग की. 2022 में TV9 भारतवर्ष जॉइन किया और दिल्ली ब्यूरो का हिस्सा रहे. इस दौरान उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान,महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में कई बड़ी खबरों और इवेंट्स कवर करने का अवसर मिला. 2025 में लखनऊ ब्यूरो की जिम्मेदारी के साथ दिल्ली से लखनऊ भेजा गया. 17 साल दिल्ली में रहने के बाद अब कर्मस्थली यूपी की राजधानी है. अब उत्तर प्रदेश की राजनीति, सरकार और जनता से जुड़े मुद्दों की रिपोर्ट जनता तक पहुंचाते हैं.

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