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फटा सिर, पेट से निकली आंतें, कटी उंगलियां… कानपुर में LLB के छात्र पर सरेआम चापड़ से हमला, फिर घायल को तड़पता छोड़ भाग निकले हमलावर

फटा सिर, पेट से निकली आंतें, कटी उंगलियां... कानपुर में LLB के छात्र पर सरेआम चापड़ से हमला, फिर घायल को तड़पता छोड़ भाग निकले हमलावर

घायल अभिजीत.

कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम में शनिवार रात दवा खरीदने गए एक एलएलबी छात्र पर मेडिकल स्टोर संचालक और उसके तीन साथियों ने चापड़ से इतना बर्बर हमला किया कि छात्र का सिर फट गया. उसकी हड्डियां तक दिखने लगीं. पेट फटकर आंतें बाहर आ गईं. यही नहीं, एक हाथ की दो उंगलियां भी कट गईं. खून से लथपथ छात्र सड़क पर तड़पता रहा. राहगीरों की भीड़ देखकर आरोपी फरार हो गए.

परिजनों ने चार अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन गंभीर हालत देख तीन ने भर्ती से इनकार कर दिया. अंत में रीजेंसी अस्पताल ने भर्ती किया, जहां दो घंटे पेट का ऑपरेशन चला, सिर में 14 टांके लगे और उंगलियां जोड़ी गईं.

पीड़ित छात्र अभिजीत सिंह चंदेल (22), कानपुर विश्वविद्यालय से LLB प्रथम वर्ष का छात्र है. उसकी मां नीलम सिंह चंदेल ने बताया कि शनिवार रात करीब 9 बजे अभिजीत घर से करीब एक किलोमीटर दूर मेडिकल स्टोर पर दवा लेने गया था. वहां स्टोर संचालक अमर सिंह से पैसे को लेकर बहस हो गई. इसी दौरान दुकान पर मौजूद अमर के भाई विजय सिंह, प्रिंस राज श्रीवास्तव और निखिल ने मारपीट शुरू कर दी. फिर चापड़ निकालकर हमला कर दिया.

नीलम ने बताया- पहले सिर पर वार किया, जिससे हड्डियां दिखने लगीं. अभिजीत गिर पड़ा तो पेट पर कई वार किए, आंतें बाहर निकल आईं. भागने की कोशिश में पकड़कर दो उंगलियां काट दीं. शोर मचाने पर राहगीर दौड़े तो आरोपी भाग निकले. परिजन मौके पर पहुंचे और कपड़े से आंतें बांधकर अभिजीत को अस्पताल ले गए. अभिजीत की हालत देखकर कई अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया. रीजेंसी में दो घंटे ऑपरेशन के बाद हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन जिंदगी की जंग जारी है.

अभिजीत पर लगा दिए उल्टे आरोप

चौंकाने वाली बात यह कि हमलावरों ने पुलिस से साठगांठ कर घायल अभिजीत पर ही रंगदारी, लूट और मारपीट का मुकदमा दर्ज करा लिया. विजय सिंह की शिकायत पर रावतपुर पुलिस ने अभिजीत के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया. मां नीलम ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी प्रिंस राज श्रीवास्तव आपराधिक प्रवृत्ति का है, जो खुद को वकील बताता है. काकादेव थाने में उसके खिलाफ रंगदारी और जमीन कब्जाने के मुकदमे दर्ज हैं. अन्य आरोपियों पर भी पुराने केस हैं.

तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया

परिजनों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है. स्थानीय लोगों में रोष है कि इतनी बर्बरता के बावजूद आरोपी खुले घूम रहे हैं. वहीं, पुलिस का कहना है कि जब दूसरे पक्ष की तहरीर मिली तो मुकदमा दर्ज करके तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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