ड्रोन से हथियार-हेरोइन सप्लाई करने वाले सिंडिकेट पर शिकंजा, NIA की सख्त कार्रवाई

NIA ने अंतरराष्ट्रीय हथियार और नशा तस्करी के मामले में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है. राजस्थान के जयपुर स्थित NIA की विशेष अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में दो और आरोपियों सत्यनारायण मेघवाल और साहिल गोदारा के नाम शामिल किए गए हैं. दोनों को जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया गया था.
NIA ने इस मामले में पहले भी 14 अगस्त 2025 और 5 फरवरी 2026 को दो चार्जशीट दाखिल की थीं. अब छह पुराने आरोपियों के खिलाफ भी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं.
हथियारों की पश्चिमी भारत में हो रही थी सप्लाई
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह गिरोह सीमा पार से ड्रोन के जरिए विदेशी हथियार, कारतूस और हेरोइन भारत में भेजता था. अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गिराई गई इन खेपों को भारत में मौजूद गिरोह के सदस्य उठाते थे. इसके बाद हथियारों और नशे की सप्लाई राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में की जाती थी.
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य आपस में संपर्क करने और तस्करी का पूरा नेटवर्क चलाने के लिए एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन चैनल का इस्तेमाल करते थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच सकें.
भारत में अशांति फैलाने का था उद्देश्य
NIA के अनुसार, गिरोह का मकसद सिर्फ हथियार और नशे की तस्करी करना नहीं था. जांच में आरोप सामने आए हैं कि नेटवर्क के जरिए युवाओं को नशे की लत लगाने, उनका फायदा उठाने और भारत के खिलाफ असंतोष बढ़ाने की कोशिश भी की जा रही थी.
फिलहाल NIA इस नेटवर्क से जुड़े बाकी संदिग्धों की पहचान करने, उन्हें गिरफ्तार करने और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
बता दें कि सीमापार से कई बार भारत के खिलाफ साजिश होती रहती है. ड्रग्स के साथ-साथ हथियारों की सप्लाई के भी कई प्रयास हो चुके हैं.
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